22 जून 2026:
मध्य प्रदेश उज्जैन:
उज्जैन में महाकाल मंदिर समिति ने भस्म आरती की बुकिंग प्रक्रिया में धांधली की शिकायतों के बाद अब मंदिर समिति ने सख्ती का रुख अपनाया है।
दरअसल कई श्रद्धालु प्रोटोकॉल या दूसरे कई अन्य तरीकों से हर महीने भस्म आरती की ऑनलाइन अनुमति लेकर दर्शन कर रहे थे । किंतु इस प्रक्रिया में लगातार शिकायतों का अंबार लग रहा था । जिससे मंदिर समिति ने फिर से पुराने नियम को लागू करने का फैसला किया है।
इस नए नियम के अनुसार महाकाल के दर्शन करने वाले आम भक्तों को भी दर्शन करने की सुविधा मिल सकेगी, जो ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर सकते थे। इस व्यवस्था से वीआईपी कल्चर और एक ही महीने में कई बार दर्शन करने वाले लोगों पर लगाम लगाया जा सकेगा । जिससे आम लोगों को दर्शन की सुविधा मिल सकेगी।
इसके पहले 2024 में भी उज्जैन के कलेक्टर नीरज सिंह ने भी भस्म आरती में आ रही शिकायतों के आधार पर अनुमति के नियम बनाए थे।
जिससे कुछ समय तक तो व्यवस्थाएं ठीक रही। किंतु बाद में यह नियम बंद कर दिए गए । अब फिर से शिकायतें मिलने के बाद पुराने नियमों को ही प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया है कि पहले भी यही व्यवस्था लागू थी । अब इसे और भी प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे आम श्रद्धालु दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन का लाभ मिल सकेगा।
आईए जानते हैं भस्म आरती में सख्ती का प्रभावी नियम:
1..महाकाल की भस्म आरती में पहले प्रोटोकॉल के दौरान हर महीने बुकिंग हो सकती थी । किंतु अब हर मोबाइल नंबर से 3 महीने में सिर्फ एक बार ही बुकिंग की जा सकेगी और यह व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं पर लागू रहेगी।
2..इसके अलावा एक ही आधार कार्ड से भी 3 महीने में एक बार ही अनुमति ली जा सकेगी । जिससे बार-बार दर्शन करने वालों पर रोक लगा सकेगी और सभी को समान मौका मिल सकेगा।
इन व्यवस्थाओं को लागू करने से आम श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था सभी श्रद्धालु और प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं पर भी लागू रहेगी । एक मोबाइल नंबर से और एक ही आधार कार्ड से,3 महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति मिलेगी।


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