14 अगस्त 2026:
उत्तराखंड:
उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग धंसने से हड़कंप मच गया। हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे । राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया । सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।  प्रशासन और बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंचे चुकी है और लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।

सुरंग के धंसते ही मलबा और पानी का तेज बहाव अंदर आ गया।  सभी कर्मचारी अंदर फंस गए।  पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया ‌ । सात लोगों की मौत हो चुकी है ‌ 14 लोग जख्मी बताई जा रहे हैं।
लगातार रेस्क्यू  ऑपरेशन जारी है‌ ।  मुख्यमंत्री  धामी स्वयं इस रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं‌।   राहत और बचाव के कामों का जायजा लेने पहुंचे हैं ।
लेकिन 14 लोगों को सुरक्षित भी निकाल लिया गया है। जिस समय यह  हादसा हुआ ,उस वक्त कर्मचारी अंदर मौजूद थे, काम कर रहे थे।  संभलने का उन्हें मौका नहीं मिला और इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई ‌ ।

जब पानी टनल में आया तो वहां 22 मजदूर इस मलबे और पानी में दब गए । इसके बाद प्रशासन को तत्काल जानकारी मिली । मौके पर एनडीआरएफ की टीम, एसडीआरएफ की टीम और फायर विभाग की टीम पहुंची ‌ लगभग कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 21 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया।  जिसमें से सात मजदूरों की मौत हो चुकी है । 14 मजदूर गंभीर रूप से घायल है । जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया किया है‌  ।अभी भी एक मजदूर लापता है।  जिसकी तलाश में एनडीआरएफ की टीम और एसडीआरएफ की टीम ,  लगातार काम कर रही है।  हालांकि टनल में लगभग 1 किलोमीटर तक पानी और मलबा भरा हुआ है ‌ जिसको निकालने के लिए चार वाटर पंप लगाए गए हैं।  ताकि जल्द से जल्द टनल से पानी निकल जाए और जो लापता मजदूर है उसकी तलाश की जा सके । हालांकि प्रशासन लगातार वहां पर मुस्तैद है और जो रेस्क्यू का कार्य है, वह किया जा रहा है लेकिन अभी भी एक मजदूर लापता है।  जिसकी तलाश में टीम लगी हुई है ‌ और माना जा रहा है कि जैसे-जैसे टनल का पानी कम होगा वैसे रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज होगा आपको बता दें की रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार रुकावट उत्पन्न हो रही थी‌क्ष क्योंकि जिस तरीके से टनल में पानी भरा हुआ था, जिस तरीके से मलबा भरा हुआ था ,उसको देखते हुए श्रीनगर से प्रशासन ने राफ्ट मंगवाया ताकि जल्द से जल्द जो रेस्क्यू ऑपरेशन है उसमें तेजी लाया जा सके।  लेकिन जिस तरीके से लगी हुई है और जिस तरीके से प्रशासन मुस्तैद है उसे उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही घंटे में जो लापता मजदूर है उसको भी निकाल लिया जाएगा।

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