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1 June 2026 :खबर प्रधान डेस्क:

जम्मू कश्मीर:
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर से सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. यह पूरी कार्रवाई रविवार को उस समय हुई जब ये तीनों लोग चुपके से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में दाखिल होने की कोशिश में लगे थे. सेना के अधिकारियों ने बताया कि इन्हें उस वक्त रंगे हाथों पकड़ा गया जब वे सीमा पार करने की अंतिम कोशिशें कर रहे थे.

पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे तीनों आरोपी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए यह तीनों शख्स पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सक्रिय कुछ हैंडलर्स के लगातार संपर्क में बने हुए थे. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों और सेना ने इन तीनों को अपनी कस्टडी में ले लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.

पकड़े गए आरोपियों में टेरिटोरियल आर्मी का सस्पेंडेड जवान भी शामिल
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को हुई. ये तीनों लोग हथलंगा नांबला इलाके के रास्ते से होकर पीओके की सीमा में घुसने की फिराक में थे. पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान बारामूला जिले के सोपोर इलाके के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनके नाम आदिल हुसैन डार, सोपोर निवासी इश्फाक अहमद और सोपोर के ही रहने वाले जफर अहमद हैं. इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़ा गया एक आरोपी डार टीए यानी टेरिटोरियल आर्मी की 161 बटालियन का एक सस्पेंडेड जवान है.

एक अन्य घटना: गर्लफ्रेंड से मिलने एलओसी पार कर आया पाकिस्तानी युवक
इसी के साथ उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके से एक और अलग मामला भी सामने आया है, जहां सेना की एक यूनिट ने कश्मीर की सीमा में घुस आए पीओके के एक युवक को पकड़ा है. पकड़े गए इस लड़के का नाम जीशान मीर है, जो मुजफ्फरबाद का रहने वाला बताया जा रहा है. पूछताछ में जीशान ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक अजीब दावा किया है. उसका कहना है कि वह किसी गलत इरादे से नहीं, बल्कि उरी सेक्टर के तिलवाड़ी गांव में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए एलओसी पार करके भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था. सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल उसके इस दावे की भी पूरी सच्चाई का पता लगाने में जुटी हुई हैं.


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