खरमास हुए खत्म:आईए जाने कब हैं विवाह के शुभ मुहूर्त और खरीदारी के शुभ योग:
संवाददाता
18 January 2026
अपडेटेड: 12:29 PM 0thGMT+0530
समाप्त हुआ खरमास- मांगलिक कार्यों की शुरुआत के शुभ मुहूर्त:
मकर संक्रांति आने पर खरमास की समाप्ति हो जाती है किंतु मांगलिक कार्यों के लिए कुछ इंतज़ार करना पड़ सकता है ।
सामान्यत: खरमास के समापन के साथ ही और मकर संक्रांति आने पर मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। किंतु इस बार मांगलिक कार्यों की शुरुआत अगले महीने से हो रही है। इस दौरान दो महीने में 19 दिन ही शहनाई बज सकेगी । फरवरी में 14 दिन और मार्च में 5 दिन मांगलिक कार्यों का शुभ मुहूर्त है।
इस दौरान शादी विवाह सहित अन्य कई शुभ कार्य कर सकते हैं।
हर वर्ष 14 दिसंबर से 14 जनवरी का समय खरमास कहा जाता है और इस खरमास में हिंदू धर्म के अनुसार शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
मकर संक्रांति की शुरुआत के साथ खरमास समाप्त होता है और शुभ कार्य की शुरुआत भी हो जाती है।
खरमास वर्ष में दो बार आता है । जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास का प्रारंभ होता है । जब सूर्य अपने मकर राशि पर आते हैं तो खरमास समाप्त होता है। 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपनी मकर राशि में आता है, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। इसके बाद मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इसमें 28 जनवरी से गृह प्रवेश और 29 जनवरी से शुभ विवाह है और अन्य शुभ कार्य शुरू हो सकते हैं।
किंतु इस वर्ष 2026 में हिंदू पंचांग के अनुसार फरवरी और मार्च माह में सिर्फ 19 दिन शुभ कार्य के लिए अनुकूल है।
इन शुभ मुहूर्त में विवाह, गृह प्रवेश, हवन, यज्ञ ,नामकरण संस्कार ,मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, भूमि पूजन, भवन निर्माण ,वाहन आदि खरीदी सहित मांगलिक कार्य किया जा सकते हैं।
इन शुभ मुहूर्त की शुरुआत 4 फरवरी से हो रही है और हिंदू पंचांग के अनुसार अंतिम शुभ मुहूर्त 14 मार्च को है।
11 दिसंबर 2025 से शुक्र अस्त हुआ जो 1 फरवरी 2026 को ही उदित हो रहा है। शुक्र के उदय के बाद ही शुभ कार्य किए जाते हैं।
होलाष्टक में नहीं करते कोई शुभ कार्य:
इसमें फरवरी में कुल 14 दिन शुभ कार्यों के लिए और मार्च माह में सिर्फ 5 दिन ही शुभ मुहूर्त है। 24 फरवरी से होलाष्टक की शुरुआत होगी। 3 मार्च को होलिका दहन होगा और दूसरे दिन 4 मार्च को होली खेली जाएगी इन आठ दिन दिन का समय होलाष्टक कहा जाता है । होली से 8 दिन पहले प्रारंभ हो जाता है और इन आठ दिनों को होलाष्टक कहते हैं। इन आठ दिनों में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इस बीच कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते।
मार्च में 9 ,10, 11, 12 और 14 तारीख को शुभ मुहूर्त है।