जग्गी हत्याकांड: 19 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला, पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद

khabar pradhan

संवाददाता

7 April 2026

अपडेटेड: 3:28 PM 0thGMT+0530

जग्गी हत्याकांड: 19 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला, पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद

7 अप्रैल 2026
बिलासपुर:

छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले चर्चित ‘रामावतार जग्गी हत्याकांड’ में बिलासपुर हाई कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को हत्या और साजिश रचने का दोषी पाया है। कोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

क्या था 2003 का वह हत्याकांड?
यह मामला जून 2003 का है, जब छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज थीं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की एक रैली को रोकने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई थी।
4 जून 2003 की रात,आरोपियों ने रामावतार जग्गी की कार का पीछा किया, उन्हें बीच रास्ते में रोका और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
आरोप है कि इस हत्याकांड की रणनीति रायपुर के ग्रीन पार्क होटल और तत्कालीन मुख्यमंत्री निवास में बनाई गई थी।

हाई कोर्ट का सख्त रुख
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की विशेष खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि जब सभी आरोपी एक ही अपराध में शामिल हों, तो किसी एक के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता। इस मामले में पहले अन्य 28 आरोपियों को सजा मिल चुकी थी, लेकिन अमित जोगी को संदेह का लाभ देकर निचली अदालत ने 2007 में बरी कर दिया था। अब हाई कोर्ट ने उस फैसले को पलटते हुए उन्हें भी दोषी करार दिया है।

अमित जोगी के पास अब ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने का विकल्प है।
अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर 20 अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है।
हाई कोर्ट ने अमित जोगी को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
अमित जोगी के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं मिला और दस्तावेज मिलने में देरी हुई।

छत्तीसगढ़ की सियासत में इस फैसले के बाद हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर प्रदेश के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से जुड़ा है।

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