झाबुआ के उत्कृष्ट स्कूल मैदान में मेले में हुआ बड़ा हादसा: झाबुआ मेले में गिरा ड्रैगन झूला:
संवाददाता
20 January 2026
अपडेटेड: 4:44 PM 0thGMT+0530
झाबुआ शहर के उत्कृष्ट स्कूल मैदान में चल रहे मेले में हुआ बड़ा हादसा:
ओवरलोड से झूले के दोनों पिलर टूटे:
झाबुआ के उत्कृष्ट स्कूल मैदान में कल सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल मेले में कई झूले लगे हुए थे। जिसमें ड्रैगन झूले के अचानक गिर जाने से कई विद्यार्थी घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि 40 से 50 बच्चों की क्षमता वाले ड्रैगन झूले में एक साथ 140 स्कूली बच्चों को चढ़ा दिया गया। ओवरलोड होने की वजह से झूले के दोनों पिलर टूट गए और वह बाउंड्री वॉल के बाहर जा गिरा।
इससे 29 बच्चे घायल हो गए। बच्चों के पैर में और सिर में चोट आई है।
सभी स्कूली बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है इनमें 14 छात्राएं हैं और एक छात्र शामिल है।
इस हादसे के बाद मेले को प्रशासन ने बंद कराया:
यह मेला 1 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी तक चलना था, किंतु इस हादसे के बाद 19 जनवरी को मेला बंद कर दिया गया।
इस मेले में स्कूल के करीब 600 विद्यार्थियों को बारी-बारी से मेले में भेजा जा रहा था ,क्योंकि मेले में झूलों की लिए टिकट फ्री था।
इस घटना की सूचना मिलते ही झाबुआ के कलेक्टर नेहा मीणा जिला अस्पताल पहुंची और घायल बच्चों का हाल-चाल पूछा । उन्होंने बच्चों की बेहतरीन चिकित्सा सुविधा हेतु चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए।
इस घटना की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने मजिस्ट्रेट जांच दल गठित करने के आदेश दिए।
जांच दल में अपर कलेक्टर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ,लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री और शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारियों को शामिल किया गया है।
इस जांच दल में हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि जिस उत्कृष्ट स्कूल मैदान में मेला लगा हुआ है ,वह संदीपनी स्कूल का है। मेला संचालकों से पहले तय हुआ था कि स्कूल के पास बच्चों को एक एक बार निशुल्क झूला झुलाया जाएगा। किंतु अधिक बच्चों के पहुंचने पर और ज्यादा भीड़ होने पर झूला संचालक ने एक बार में 140 बच्चों को चढ़ा दिया। सभी घायल बच्चे कक्षा दसवीं के छात्र हैं।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ड्रैगन झूले में जरूरत से अधिक विद्यार्थियों को बैठा दिया गया ,जिससे झूला वजन को झेल नहीं सका और टूट गया।
यह मेला विश्व हिंदू परिषद द्वारा संत खूमसिंह महाराज के नाम से हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
स्पेशल ऑफर के चक्कर में स्कूल प्रबंधन ही बच्चों को लेकर गया था। जब झूले में क्षमता से अधिक बच्चों को बठाया जा रहा था तो वहां मौजूद स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया।
ध्यान देने योग्य बातें हैं जैसे अभिभावकों को भी ऐसे ऑफर से बचना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन से खुद बात कर बच्चों की सुरक्षा की जानकारी पुख्ता करनी चाहिए।
कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि हादसे की जांच हेतु जांच दल गठित कर दिया गया है और मेले को बंद किया गया है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा ,उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।