ट्रंप हुए बेकाबू -ट्रंप का एक और फरमान –ईरान से व्यापार करने वालों पर लगाएंगे 25% ईरान से व्यापार करने वालों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे ट्रंप
संवाददाता
14 January 2026
अपडेटेड: 7:58 PM 0thGMT+0530
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी तक रूस के साथ व्यापार कर रहे लोगों को निशाना बना रहे थे । लेकिन अब ट्रंप ने एक और फरमान जारी किया है । अब वह ईरान से जुड़े देशों के साथ भी व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाएंगे।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया कि जो देश ईरान के साथ व्यापार कर रहे हैं । उन पर अमेरिका 25% टैरिफ लगाएगा। यह तारीफ तुरंत प्रभाव से लागू होगा। ट्रंप के इस आदेश का असर चीन, भारत, रूस और ब्राजील पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ, तेल खरीद के कारण 25 प्रतिशत पेनल्टी पहले से ही लगा रखी है। अब ईरान से व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने से कल टैरिफ 75 प्रतिशत हो जाएगा।
चीन ने किया कड़ा विरोध:
चीन ने इस नए टैरिफ का कड़ा विरोध किया है। उसके विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि हम अपने हितों की रक्षा स्वयं करेंगे । चीन ने पिछले साल ईरान से 13.8 लाख बैरल तेल रोज खरीदा । उसने ईरान में 4.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी किया है।
असर किस-किस पर अधिक:
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के मुताबिक भारत का ईरान से व्यापार मानवीय जरूरत से जुड़ा हुआ है ,जो अमेरिकी प्रतिबंध के दायरे से बाहर आता है। इसलिए अमेरिका की नई 25 प्रतिशत टैरिफ का भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
भारत ने 2019 में अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया। इसलिए 25% टैरिफ का असर नहीं होगा।
पिछले वर्ष भारत ने ईरान को 5.99 लाख टन बासमती चावल भेजा था। हमारा सबसे ज्यादा चावल ईरान ही खरीदता है लेकिन वहां जारी अशांति के चलते भुगतान ,नए ऑर्डर सब अटक गए हैं ।
ईरान को चावल ,चीनी ,दवाएं ,पशु चारा ,चाय ,कॉफी ,मसाले ,फल, सब्जियां ,सिंथेटिक फाइबर, इलेक्ट्रिकल मशीनरी ,आभूषण भारत से निर्यात होता है । इसके अलावा उनसे सूखे मेवे, रसायन और कांच का सामान लिया जाता है
2024 -25 में दोनों देशों के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था । इसमें 1.24 अरब डॉलर का निर्यात था ,जो इसके पहले भारत से 1.55 प्रतिशत ज्यादा है । यानी भारत ने उन्हें ज्यादा माल बेचा। इस दौरान आयात 29.32 प्रतिशत घटकर 441.83 मिलियन डॉलर रह गया ।
भारत के विदेश मंत्री की अमेरिकी विदेश मंत्री से चर्चा:
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत की । दोनों नेताओं ने व्यापार क्रिटिकल मिनरल्स ,न्यूक्लियर एनर्जी और रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत की दोनों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति भी जताई।