तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी पर अमेरिका के हमलों से धधक उठा तेहरान

khabar pradhan

संवाददाता

9 March 2026

अपडेटेड: 5:59 PM 0thGMT+0530

तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी पर अमेरिका के हमलों से धधक उठा तेहरान

9 मार्च 2026
तेहरान
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच अमेरिका ने पहली बार सीधे ईरान के तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी को निशाना बनाकर हमला किया है। तेहरान में तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी सुविधाओं के निशाने पर होने की खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी हमले के बाद ईरान के कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहतों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा ईरान के ऊर्जा ढांचे पर इस तरह की कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान ने इस हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की नजर, मिसाइल हमलों के बाद बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ईरान की परमाणु सुविधाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए है और इन ठिकानों पर संभावित कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसी बीच तेहरान के तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी पर हुए हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। इससे वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया गया तो वह कड़ा जवाब देगा। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और स्थिति को शांत करने की अपील कर रहा है।

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