उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में कल मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में नवाब काजिम अली खान ने अब्दुल्लाह आजम खान के दो पैन कार्ड मामले में एक याचिका दायर की थी ,जिसमें उन्होंने BNSS की धारा 528 के तहत रामपुर कोर्ट के 16 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी।
क्या और कब का है मामला:
17 नंबर 2025 को रामपुर की एक अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड रखने के मामले में 7- 7 साल की सजा सुनाई थी।
इसमें अब्दुल्ला एच के एक पैन कार्ड में जनवरी 1993 की जन्मतिथि दिखाई है जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 की जन्म तिथि दर्ज की गई है।
उन्होंने 2017 में स्वार सीट से चुनाव लड़ा, जिस समय उनकी वास्तविक उम्र 24 वर्ष थी, जबकि विधायक बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होना अनिवार्य है।
इस दौरान आजम खान ने फर्जी पैन कार्ड बनवाया ,जिसमें नामांकन और बैंक पासबुक में उसका उपयोग किया।
इस मामले में नवाब कासिम ने की शिकायत:
2017 में स्वार सीट से नवाब कासिम अली बीएसपी के प्रत्याशी रहे।
उन्होंने पहले शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने 2019 में इस मामले में शिकायत दर्ज की। जिस पर आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467 ,468 ,471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
और यह दोनों शिकायतें रामपुर कोर्ट में दर्ज की गई।
नवाब कासिम ने BNSS की धारा 528 के तहत रामपुर कोर्ट के 16 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी । उन्होंने एक याचिका दाखिल करते हुए रामपुर कोर्ट के फैसले को चुनौती दी जिसकी सुनवाई में अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह और राज्य की ओर से ए जी ए पारितोष कुमार मालवीय मौजूद रहे।
नवाब काजिम अली खान ने हाई कोर्ट से यह मांग की कि रायपुर में लंबित अपील जो आजम खान अब्दुल्ला आजम राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई है उनकी कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
16 जनवरी 2026 को उनकी क्रिमिनल रिवीजन याचिका जो रामपुर कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी,उसके बाद नवाब काजिम अली खान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। और BNSS की धारा 528 के तहत याचिका दाखिल करते हुए रामपुर कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
हाई कोर्ट ने तय की 27 फरवरी की अगली तारीख:
आजम अब्दुल्ला खान और आजम खान के वकील ने इस केस की तैयारी करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है ,जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है । और इस याचिका पर सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है।
इस केस की सुनवाई जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच कर रही है।
आपको बता दें कि 16 जनवरी 2026 के आदेश को नवाब काजिम अली खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इस फैसले को रद्द करने के लिए याचिका लगाई है और लंबित अपीलों पर रोक लगाने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि इससे फैसला न्यायसंगत होगा।


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