30 जून 2026 :मंगलवार:
देश दुनिया/
केंद्र सरकार ने कारोबारी और उद्योग जगत को राहत देते हुए लीगल मेट्रोलॉजी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं l
नई व्यवस्था के अनुसार अब पहली बार हुई किसी तकनीकी या प्रक्रियागत गलती पर सीधे जुर्माना या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी l संबंधित इकाई को पहले नोटिस देकर सुधार का अवसर दिया जाएगा
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ईमानदार कारोबारी को अनावश्यक दंड से बचाना और अनुपालन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना बताया जा रहा है
सरकार का कहना है की छोटी प्रशासनिक या दस्तावेजी त्रुटियों को तुरंत अपराध की तरह नहीं देखा जाएगा l
इन नए नियमों से किन लोगों को मिलेगा लाभ
इस नई व्यवस्था का लाभ कई श्रेणियां की पंजीकृत व्यावसायिक इकाइयों को मिल सकता है जिनमें मुख्यतः निर्माता, आयातक, पैकर, डीलर, रिपेयरर, व्यापारी और अन्य पंजीकृत इकाइयां l
क्या बदलेगा इस नई व्यवस्था से
पहले यदि वजन, माप, पैकेजिंग या लेबलिंग से जुड़े नियमों में कोई गलती पाई जाती थी तो अक्सर उन मामलों में सीधे कार्रवाई या जुर्माने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी l लेकिन अब पहली बार ऐसी स्थिति आने पर संबंधित इकाई को नोटिस दिया जाएगा l गलती और सुधार की समय सीमा बताई जाएगी l तत्पश्चात निर्धारित समय में सुधार करने पर दंड से राहत मिल सकती है l
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल अनजाने में या तकनीकी त्रुटियां के लिए हैl यदि कोई व्यवसाय जानबूझकर गलत वजन, गलत जानकारी ,उपभोक्ता से धोखाधड़ी या बार-बार नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है , तो उसके खिलाफ पहले की तरह ही सख्त कार्यवाही जारी रहेगी l
सरकार ने कहा है कि इस बदलाव का उद्देश्य व्यवसाय को आसान बनाना है ,ना कि उपभोक्ता अधिकारों से समझौता करना l इसलिए गलत वजन, गलत माप या भ्रामक जानकारी जैसे मामले में निगरानी और कार्यवाही पहले की ही तरह जारी रहेगी
विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव छोटे और मध्यम कारोबारी के लिए राहत साबित हो सकता है l इससे प्रक्रियागत गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा, और व्यापार करने की प्रक्रिया अधिक सरल बन सकेगी जबकि उपभोक्ता की सुरक्षा के मानक को भी बनाए रखने का प्रयास रहेगा l


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