ISI चीफ असीम मलिक बने नए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी सीमा चौकियों पर झंडे फहराए हैं, जिन्हें एक दिन पहले ही हटा लिया गया था। यह कदम भारत के साथ तनावपूर्ण स्थिति के बीच उठाया गया है, खासकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद। इस हमले के बाद भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया, जिससे पाकिस्तान में बेचैनी देखी जा रही है। इस बीच, पाकिस्तान ने अपनी खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह फैसला आधी रात को लिया गया, जिसे भारत के आक्रामक रुख के जवाब में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। पाकिस्तान ने पहले अपनी सीमा चौकियों से झंडे हटाए थे, जिसे कई विश्लेषकों ने तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा। हालांकि, अब झंडे दोबारा लगाने का फैसला पाकिस्तान की ओर से अपनी स्थिति मजबूत करने का संकेत देता है। असीम मलिक की नियुक्ति को भी भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। ISI प्रमुख के रूप में मलिक ने हमेशा कड़ा रुख अपनाया है, और उनकी नई भूमिका से पाकिस्तान की सुरक्षा नीतियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत ने अपनी सीमाओं पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और हाल के घटनाक्रम इस बात का संकेत देते हैं कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान की ओर से इस तरह के कदम दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी को और गहरा सकते हैं।

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