16 अगस्त 2026:
नई दिल्ली:

भारत के 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आधिकारिक समारोह में इस बार 80 साल की परंपरा में पहली बार एक नया बदलाव देखने को मिला।

यहां पर  राष्ट्रगान जन गण मन से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम गाया गया।

पीएम मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में कहा, “आज़ादी के बाद यह पहली बार है, जब लाल किले पर ‘वंदे मातरम बजाया गया है।

आपको बता दें कि वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण को हाल ही में राष्ट्रगान के समान क़ानूनी संरक्षण दिया गया है । 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और उसके समापन पर भी वंदे मातरम बजाया गया था।

यह इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है,क्योंकि राष्ट्रगान को संवैधानिक दर्जा हासिल है । और आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत इसे गणतंत्र का सर्वोच्च संगीतमय प्रतीक माना जाता है‌ ।

नए प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुँचने पर सबसे पहले राष्ट्रीय गीत बजाया गया।  इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, और उस दौरान राष्ट्रगान बजाया गया।

वंदे मातरम को लेकर विपक्ष का तर्क रहा है कि यह संघ परिवार के बड़े हिंदुत्व एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत भारत की विविधता और बहुलता का जश्न मनाने वाले राष्ट्रगान की जगह वंदे मातरम के सभी छह पदों को प्रमुखता देने की कोशिश हो रही है।

वंदे मातरम’ के इन पदों में हिंदू देवी-देवताओं, जिनमें दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी संदर्भ शामिल हैं, और भारत को एक पूजनीय मातृ देवी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

जहां भी कांग्रेस की सरकार है जैसे तमिलनाडु और केरल ने स्पष्ट किया है कि वंदे मातरम के सभी 6 पद नहीं गाए जाएंगे । पिछले वर्षों की परंपरा के अनुसार ही स्वतंत्रता दिवस समारोह में सभी कार्यक्रमों में पहले के केवल दो पद ही गाए जाएंगे।

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