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27 मई 2026

भोपाल:
अटल बिहारी वाजपेयी परिसर में प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए की मॉकड्रिल, नागरिकों को सिखाए गए जंग और आपदा से निपटने के गुर।

राजधानी भोपाल के टीटी नगर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी परिसर में मंगलवार की शाम अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रात ठीक आठ बजे सायरन की तेज आवाजें गूंजने लगीं। इससे पहले कि परिसर के लोग कुछ समझ पाते, पूरे इलाके की बत्तियां बुझा दी गईं और वहां पूरी तरह ब्लैक आउट हो गया। इसके तुरंत बाद ही ऐसा महसूस होने लगा जैसे कोई हवाई हमला शुरू हो गया हो। बहुमंजिला इमारत के एक ब्लॉक पर बम गिरने जैसे धमाके हुए, जिससे कई लोग जख्मी होकर गिर पड़े और कुछ मलबे व फ्लैटों में फंस गए। हालांकि, इस स्थिति से घबराने की कोई बात नहीं थी, क्योंकि यह कोई असली हमला नहीं बल्कि प्रशासन की एक सोची-समझी तैयारी थी।
प्रशासन ने जांची आपदा प्रबंधन की तैयारियां
यह पूरा घटनाक्रम असल में जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए की गई एक मॉकड्रिल (अभ्यास) का हिस्सा था। इस बड़े अभ्यास के दौरान मौके पर टीटी नगर की एसडीएम अर्चना शर्मा रावत, नगर निगम फायर ऑफिस पंकज खरे, एसडीईआरएफ के कमांडर रामकुमार शर्मा, कमलनाथ धुर्वे, चार प्लाटून कमांडर और 50 टीम मेंबर, होम गार्ड के कुलदीप मलिक, प्लाटून कमांडर चेतन नोजी, शरद यादव के साथ-साथ 100 सिविल डिफेंस वॉलंटियर मुस्तैद रहे।
युद्ध स्तर पर चला रेस्क्यू ‘ऑपरेशन’
सायरन बजते ही एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीमें तुरंत एक्शन मोड में आ गईं। हवाई हमले के इस बनावटी माहौल में खुद को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम के जवान सबसे पहले जमीन पर लेट गए। जैसे ही हमले थमे, राहत और बचाव का काम पूरी तेजी से शुरू किया गया। जमीन पर जख्मी हालत में पड़े लोगों को टीम ने तुरंत संभाला और स्ट्रेचर के जरिए एम्बुलेंस तक पहुंचाया।
इसी बीच नगर निगम की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और इमारत के ब्लॉक में लगी आग को बुझाया गया। सबसे रोमांचक नजारा तब देखने को मिला जब एसडीईआरएफ की टीम ने चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को बेहद सूझबूझ के साथ एक-एक कर रस्सी के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा। आधे घंटे तक चली इस मॉकड्रिल में रेस्क्यू टीमों ने कुल 27 लोगों की जान बचाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
अनाउंसमेंट कर नागरिकों को किया सतर्क
मॉकड्रिल के दौरान शुरुआत में कुछ फ्लैटों की लाइटें बंद नहीं की गई थीं। इसे देखते हुए रेस्क्यू टीम के अफसरों ने माइक से बार-बार अनाउंसमेंट किया और नागरिकों को समझाया कि इसे मजाक में न लें, यह आपकी सुरक्षा के लिए है। इसके बाद लोगों ने अपने घरों की बत्तियां बुझाईं। इस दौरान एक अधिकारी ने माइक पर मजाकिया और सतर्क करने वाले लहजे में यह भी कहा कि आप लाइट चालू रखकर पाकिस्तान की मदद कर रहे हो। इस तरह परिसर के 340 फ्लैटों में रहने वाले नागरिकों को हवाई हमले और आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
नागरिकों को जागरूक करना था मकसद
एसडीईआरएफ के प्लाटून कमांडर चेतन ने बताया कि इस पूरे अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को यह सिखाना था कि अचानक हुए किसी हमले या आपदा के समय खुद को कैसे सुरक्षित रखना है और घायलों की मदद कैसे करनी है। टीटी नगर की एसडीएम अर्चना शर्मा रावत ने बताया कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर यह मॉकड्रिल की गई थी, जिसमें बिजली कंपनी, पुलिस, नगर निगम, एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, होम गार्ड और एम्बुलेंस ने मिलकर काम किया। इस संयुक्त प्रयास से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों को जागरूक करने में बड़ी मदद मिलेगी।


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