मध्य पूर्व की ओर बढ़ा अमेरिकी युद्धपोत, 2200 सैनिकों की तैनाती से बढ़ी हलचल
संवाददाता
21 March 2026
अपडेटेड: 4:21 PM 0stGMT+0530
21 मार्च 2026
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए 2200 सैनिकों के साथ अपना युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर रवाना कर दिया है। इससे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली मिसाइल कैरियर समूह का हिस्सा है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से रवाना होकर अब मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए यह तैनाती कर रहा है।
इस बीच, अमेरिका की नजर ईरान के यूरेनियम भंडार पर भी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि ईरान के पास करीब 950 पाउंड से अधिक उच्च संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। हालांकि, ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
दूसरी ओर, होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। यहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। संघर्ष के चलते टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
साथ ही, समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकासी भी महंगी होती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक टैंकर ऑपरेटर को सुरक्षित निकासी के लिए लगभग 1 करोड़ डॉलर तक खर्च करने पड़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़े, तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर व्यापक रूप से पड़ेगा।