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22 जून 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने अपने सरकारी खर्चों में कटौती करने और संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए निर्देश (मितव्ययिता गाइडलाइन) जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभाग आयुक्तों और कलेक्टर्स को कड़े आदेश भेजे गए हैं, ताकि सरकारी पैसे की बचत की जा सके।

अफसरों के दिल्ली और विदेश दौरों पर लगी रोक
नए नियमों के मुताबिक, अब आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य किसी भी सरकारी कर्मचारी को सरकारी खर्च पर दिल्ली, गुजरात या अन्य राज्यों के दौरे पर जाने से पहले मुख्य सचिव (Chief Secretary) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। सिर्फ इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी राज्य से बाहर किसी शासकीय यात्रा पर जा रहा है, तो उसे अपने विभाग के सचिव की अनुमति लेनी होगी। सरकार ने साफ कहा है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचा जाए।

सफर की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर
विभागों में होने वाली बड़ी-बड़ी बैठकों, कार्यशालाओं (Workshops), ट्रेनिंग प्रोग्राम और सेमिनार के लिए अब अफसरों को भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि ये सभी कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल माध्यमों से आयोजित किए जाएं। इसके अलावा, जिन सरकारी कामों को ऑनलाइन निपटाया जा सकता है, उन्हें पूरी तरह डिजिटल तरीके से ही पूरा किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को सफर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।

शाम 7 बजे के बाद दफ्तरों में बिजली बचाना जरूरी
बिजली के बिल और ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए भी सख्त हिदायत दी गई है। सभी सरकारी दफ्तरों में एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा। सख्त नियम यह है कि शाम को 7 बजे के बाद दफ्तरों में बेवजह चल रहे पंखे, लाइट, कंप्यूटर और बाकी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनिवार्य रूप से बंद करना होगा। बिजली बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
पर्यावरण और सेहत का भी रखा जाएगा ध्यान

इस नई गाइडलाइन में पर्यावरण के अनुकूल चीजों के इस्तेमाल पर विशेष जोर है:
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह केमिकल वाली खेती की जगह प्राकृतिक और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा दे।
निर्माण कार्यों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों की जगह फ्लाई ऐश, प्लास्टिक वेस्ट बिटुमिन और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री का उपयोग करने को कहा गया है।
दफ्तरों और वाहनों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का इस्तेमाल बढ़ाने की बात कही गई है।
उज्ज्वला योजना और एलपीजी कनेक्शनों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग मिलकर जांच करेंगे।

हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
इस पूरे अभियान को जमीन पर उतारने के लिए जनसंपर्क विभाग, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर 90 दिनों का एक विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। सभी सरकारी विभागों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे इन नियमों के पालन की एक मासिक प्रगति रिपोर्ट (Monthly Progress Report) तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजें।


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