मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विक्रमोत्सव पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं । सूर्य को अर्ध्य देकर की दिन की शुरुआत:

khabar pradhan

संवाददाता

19 March 2026

अपडेटेड: 11:12 PM 0thGMT+0530

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विक्रमोत्सव पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं । सूर्य को अर्ध्य देकर की दिन की शुरुआत:


19 मार्च 2026:
मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिंदू नव वर्ष और गुड़ी पड़वा की दी प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हिंदू नव वर्ष सूर्य उपासना और विक्रमोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। हिंदू नव वर्ष और गुड़ी पड़वा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूर्य को अर्घ्य देकर शुभ दिन की शुरुआत की और प्रदेशवासियों को बधाई दी।

सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित परंपराएं:

उन्होंने कहा उज्जैन की सांस्कृतिक परंपरा और विक्रमोत्सव आज देश विदेश में पहचान बना रहा है ।पूरे मध्य प्रदेश में इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य को याद करते हुए कहा कि वह आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जीवित है और उनके उल्लेख अन्य देशों के साहित्य में भी मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सदियों से धर्म ,ज्ञान, विज्ञान, संस्कृत का प्रमुख केंद्र रहा है। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित परंपराएं आज भी समाज को प्रेरित कर रहे हैं।

विक्रम महोत्सव 2026 के तहत उज्जैन में कार्यक्रम:
विक्रमोत्सव 2026 के तहत आज शाम 7:00 बजे शिप्रा तट पर सृष्टि आरंभ दिवस , उज्जयिनी गौरव दिवस का भव्य आयोजन होगा।  इस कार्यक्रम की शुरुआत महादेव नदी कथा पर आधारित नृत्य नाट्य प्रस्तुति से होगी।  जिसमें भगवान शिव और शिप्रा नदी की महिमा को मंच पर दर्शाया जाएगा। प्रसिद्ध पाश्र्वगायक  विशाल मिश्रा अपनी टीम के साथ संगीत प्रस्तुति देंगे।
इस विक्रमोत्सव के तहत  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व या संस्था को एक करोड़ एक लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी।  इसके अलावा राज्य स्तर पर तीन शिखर सम्मान जो 5 लाख होगा प्रदान किया जाएगा । आवेदन की अंतिम तिथि 20 मई 2026 तय की गई है ।इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।  उनके साथ कई मंत्री ,जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक जल संरचनाओं पर विशेष कार्य किए जाएंगे । साथ ही 3 महीने तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला कर जल संरक्षण पर जोर दिया जाएगा

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