19 मार्च 2026/
मध्य प्रदेश भोपाल/
राजधानी भोपाल में गोमांस तस्करी केस में 70 दिन बाद बड़ा फेरबदल सामने आया है । ट्रक भर कर गोमांस मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है । कोर्ट की तरफ से जांच में कई कमियों का हवाला दिया गया । बताया जा रहा है कि असलम कुरैशी की तरफ से कोर्ट में साबित किया गया कि उसके ट्रक में गोमांस नहीं बल्कि भैंस का मांस था। इस पर कोर्ट ने उन्हें 35 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी गई है।
असलम चोपड़ा के वकील ने भोपाल जिला अदालत में कहा कि जो मांस सैंपल के लिए हैदराबाद भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें । लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर सकी।
हिंदू संगठनों ने जताया विरोध:
उधर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध किया था क्योंकि मथुरा लैब की रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि मिली थी । लेकिन हैदराबाद की रिपोर्ट पेश नहीं हुई।
असलम कुरैशी पर आरोप लगा था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध कत्ल कर मांस मुंबई भेजा जा रहा था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि के बाद आरोपी और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार करके भेज दिया गया । इस मामले में SIT 500 पेजों का चालान अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी थी।
अब हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने सेशन कोर्ट से असलम चमड़े को कोर्ट से जमानत मिलने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि असलम चमड़ा और उसके ड्राइवर को मुजरिम बनाया गया। इसमें सही तरीके से शासन ने अपना पक्ष नहीं रखा । हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने असलम पर तुरंत रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। और चेतावनी देते हुए कहा है वरना हम जन आंदोलन करेंगे।


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