रूस से तेल खरीदने पर भारत का साफ रुख: किसी की अनुमति पर निर्भर नहीं
संवाददाता
8 March 2026
अपडेटेड: 5:51 PM 0thGMT+0530
8 मार्च 2026
नई दिल्ली। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से आई टिप्पणियों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि वह रूसी तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं है। सरकार का कहना है कि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत लगातार रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच कुछ छूट मिलने से भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के लिए रूसी तेल खरीदना पहले से थोड़ा आसान हो गया है, लेकिन इससे भारत की नीति तय नहीं होती।
दरअसल, अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की घोषणा की है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से भारत को यह छूट दी गई है। यह छूट उन रूसी तेल खेपों पर लागू होगी जो पहले से ही समुद्र में जहाजों के जरिए भेजी जा चुकी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से तेल आयात में काफी बढ़ोतरी की है।जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है और कीमतों को नियंत्रित रखने में भी सहूलियत मिलती है।
सरकार का कहना है कि भारत की प्राथमिकता देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसलिए ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार भारतीय परिवारों और उद्योगों के लिए ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।