नई दिल्ली:
भारत में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र से एक बहुत ही शानदार खबर सामने आई है। भारतीय एआई कंपनी अवतार ने वीडियो निर्माण को बेहद आसान और किफायती बनाने के लिए अपना एक नया एआई मॉडल लॉन्च किया है, जिसका नाम वार्या रखा गया है।
इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुनिया के अन्य देशों के एआई वीडियो मॉडल की तुलना में बहुत ज्यादा सस्ता है। इसके आने से अब देश के आम छात्रों से लेकर नए उद्यमियों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बहुत ही कम खर्च में वीडियो बनाना बेहद आसान हो जाएगा।
इस बेहतरीन मॉडल को इंडिया एआई मिशन के तहत तैयार किया गया है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस कृष्णन की मौजूदगी में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया। आमतौर पर किसी वीडियो को एआई की मदद से बनाने के लिए पचास चरणों यानी स्टेप्स से गुजरना पड़ता है, लेकिन भारत के इस वार्या मॉडल की तकनीक इतनी उन्नत है कि इसमें पचास की जगह सिर्फ चार चरणों में ही पूरा वीडियो बनकर तैयार हो जाता है। यही वजह है कि इससे वीडियो बनाने में समय भी बहुत कम लगता है।
अगर खर्च की बात करें तो यह मॉडल चीन के एआई वीडियो मॉडल के मुकाबले सत्ताइस गुना सस्ता है। इस मॉडल की मदद से मात्र अड़तालीस पैसे प्रति सेकंड की दर से कोई भी यूजर अपना वीडियो बना सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई नया व्यवसायी या उद्यमी अपने किसी प्रोडक्ट या उत्पाद का विज्ञापन या वीडियो बनाना चाहता है, तो वह मात्र सौ से लेकर एक सौ पचास रुपए के मामूली खर्च में अपना एक पूरा वीडियो तैयार कर सकेगा।
इस मॉडल को विशेष रूप से भारत के विविध सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे यह बच्चों को पढ़ाने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है। स्कूलों में, विशेषकर ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में, शिक्षक बच्चों को पाठ पढ़ाते समय किसी भी टेक्स्ट यानी लिखी हुई सामग्री को तुरंत वीडियो में बदलकर और आसानी से समझा सकेंगे।
अवतार कंपनी के सह संस्थापक श्रावंत अलूरु ने बताया कि वार्या मॉडल चीन के अलीबाबा के एआई वीडियो मॉडल की तुलना में सत्ताइस गुना सस्ता होने के साथ-साथ पूरी दुनिया में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर जो रील्स या शॉर्ट वीडियो तैयार किए जा रहे हैं, उनमें से एक तिहाई से भी अधिक वीडियो एआई के माध्यम से ही बनते हैं। ऐसे में वार्या मॉडल भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक वरदान साबित होगा।
वार्या मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह भारतीय संदर्भों को बहुत अच्छी तरह समझता है। यह देश के अलग-अलग त्योहारों, खान-पान, पारंपरिक पहनावे और स्थानीय परिवेश को बहुत ही सलीके से पहचानता है। डिजिटल तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल से पचास चरणों की प्रक्रिया को घटाकर सिर्फ चार चरणों में समेटने के कारण इसकी उत्पादन लागत दस गुना तक कम हो जाती है। इसका उपयोग विज्ञान, मार्केटिंग, कहानियां सुनाने और इंटरनेट मीडिया के लिए बेहतरीन वीडियो क्लिप्स बनाने में बहुत ही प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
यह मॉडल भारत के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर को सुंदर दृश्य प्रस्तुतियों में बदलने और उन्हें दुनिया को समझाने में सक्षम है।


Leave a Reply