29 जून 2026: सोमवार
भारत तेजी से रक्षा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश केवल अपनी ज़रूरतें पूरी करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता और तकनीकी शक्ति का प्रभाव भी स्थापित कर रहा है । प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने युद्ध पोत निर्माण से लेकर आधुनिक cruise मिसाइल तकनीक तक कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है ।
रक्षा उत्पादन वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वदेशी तकनीक के विकास ने देश को एक नई पहचान दी है । उन्होंने कहा आत्मनिर्भर भारत अभियान न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि देश के आत्मविश्वास और भविष्य की मजबूती की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है ।
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने एक ऐसे परिवार का उल्लेख भी किया, जिसने अपने व्यक्तिगत अनुभव को समाज हित में बदलने का कार्य किया । दुर्घटना बीमा से जुड़े अनुभव के बाद उस परिवार ने लोगों को जागरूक करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का अभियान शुरू किया । उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला और यह पहल सामाजिक प्रेरणा का उदाहरण बन गई ।
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और व्यापारिक विकास को साथ लेकर चलने वाले प्रयासों की भी सराहना की । उन्होंने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ऐसे नवाचार हो रहे हैं, जो रोजगार सृजन के साथ ही पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा भारत की उपलब्धियां केवल डिजिटल भुगतान तक सीमित नहीं है, यूपीआई से लेकर रक्षा क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय सहयोग तक भारत ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है । विश्व के कई देशों में भारतीय तकनीक और नवाचार मॉडल को अपनाया जा रहा है जो देश के बढ़ती वैश्विक भूमिका को दिखाता है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिक नागरिकों से अपील की कि वह नवाचार, स्वदेशी उत्पादों और सकारात्मक बदलाव से जुड़कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भाग्यशाली सुनिश्चित करें।


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