11 मई 2026
इंदौर:
शादी-ब्याह के सीजन में एक डराने वाली खबर सामने आई है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में हल्दी की रस्म के दौरान बीमार पड़े चार मरीजों को भर्ती कराया गया है। इनमें दूल्हा और दुल्हन भी शामिल हैं। मिलावटी हल्दी के कारण इन लोगों को ऐसी गंभीर एलर्जी हुई कि एक मरीज को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा है।
हल्दी लगते ही शरीर पर दिखने लगे घाव
शादी की रस्मों में सुंदरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हल्दी अब जहर साबित हो रही है। इंदौर और आसपास के इलाकों से आए इन मामलों ने सबको हैरान कर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, जैसे ही इन लोगों को शरीर पर हल्दी लगाई गई, वैसे ही कुछ मिनटों के भीतर उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
मरीजों में ये लक्षण देखे गए:
1. शरीर पर लाल चकत्ते और दाने निकलना।
2. चेहरे और होंठों पर भारी सूजन आ जाना।
3. सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होना।
4. शरीर में घबराहट और कमजोरी महसूस होना।
दो अलग-अलग मामलों ने बढ़ाई चिंता
पहला मामला खरगोन की रहने वाली एक 21 साल की युवती का है। हल्दी लगते ही उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया। दूसरा मामला 35 साल के एक युवक का है, जिसे शादी की रस्म के बीच में ही अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने गांव की किराना दुकान से खुली और सस्ती हल्दी खरीदी थी।
हल्दी में मिला है जानलेवा केमिकल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी को ज्यादा पीला और चमकदार दिखाने के लिए उसमें मेटानिल येलो नाम का एक जहरीला रंग मिलाया जा रहा है। यह केमिकल त्वचा के संपर्क में आते ही रिएक्शन करता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह जहरीला पदार्थ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को खत्म कर देता है और फेफड़ों को भी नुकसान पहुँचा सकता है।
असली और मिलावटी हल्दी की पहचान कैसे करें
अगर आप भी शादी या किसी रस्म के लिए हल्दी खरीदने जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
1. पानी से टेस्ट: थोड़ी सी हल्दी पानी में डालें। अगर वह तुरंत गहरा रंग छोड़ दे, तो समझ लें कि उसमें मिलावट है। शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठ जाती है।
2. चमक की जांच: मिलावटी हल्दी बहुत ज्यादा चटक और चमकदार दिखती है, जबकि शुद्ध हल्दी का रंग कुदरती और सौम्य होता है।
3. रुई का इस्तेमाल: रुई पर हल्दी लगाकर पानी डालें, अगर रंग बहुत तेजी से फैले तो उसमें केमिकल होने की पूरी संभावना है।
डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही सामान खरीदें और रस्मों के लिए संभव हो तो घर में पिसी हुई हल्दी का ही उपयोग करें।


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