29 मई 2026
गांधीनगर /नई दिल्ली।
देश के सीमावर्ती राज्यों के दौरे पर निकले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात पहुंचकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. अमित शाह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासनकाल में हर दिन घुसपैठ होती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और घुसपैठिए खुद ही वापस बांग्लादेश लौटने लगे हैं.
गांधीनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने चुनावी वादों को याद दिलाया. उन्होंने कहा, “हमने चुनाव के दौरान वादा किया था कि अगर हमें सत्ता मिलती है, तो बांग्लादेश सीमा पर बाड़ (Fencing) लगाने का काम बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा”. उन्होंने यह भी कहा कि अगर अवैध रूप से भारत में घुसे लोग स्वेच्छा से अपने मूल स्थानों पर लौटते हैं, तो बंगाल सरकार उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में मदद करेगी. हालांकि, बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने फिलहाल नजरबंदी केंद्र (Detention Centres) स्थापित किए हैं.
सुवेंदु अधिकारी को दी बधाई, चिकन नेक कॉरिडोर पर बड़ा फैसला
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की और उन्हें विशेष रूप से बधाई दी. (नोट: समाचार पत्र के टेक्स्ट में सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सुवेंदु अधिकारी संबोधित किया गया है). अमित शाह ने बताया कि सुवेंदु अधिकारी ने मात्र सात दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 हेक्टेयर भूमि सौंपने का बड़ा काम किया है, ताकि सीमा को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके.
इसके साथ ही देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘चिकन नेक कॉरिडोर’ में भी 121 हेक्टेयर जमीन भारत सरकार को सौंप दी गई है. अमित शाह ने कहा कि हालिया बंगाल चुनावों में ‘मता दीदी’ का पूरी तरह से सफाया हो गया है.
देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पर भाजपा का शासन: शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से विकास की जिस यात्रा को शुरू किया था, उसे आज उनकी सरकार ने देश के स्तर पर 12 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने कहा कि इन 12 वर्षों में हमने गुजरात के विकास मॉडल को कश्मीर से कन्याकुमारी और गंगासागर से सोमनाथ तक फैला दिया है. इसी का नतीजा है कि भारतीय जनता पार्टी आज देश के लगभग 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पर शासन कर रही है.
जनसांख्यिकीय परिवर्तन आयोग समिति का होगा गठन
देश में तेजी से बदल रहे डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) को लेकर भी सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन आयोग समिति’ गठित करने का निर्णय लिया है.
यह उच्चस्तरीय समिति देश भर में हो रहे ‘आर्टिफिशियल डेमोग्राफिक चेंज’ (कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तन) के कारणों की गहन जांच करेगी और इसके संभावित कानूनी व व्यावहारिक समाधानों पर विचार करेगी. यह समिति इस बात का भी आकलन करेगी कि क्या इस राष्ट्रीय मुद्दे को हल करने के लिए किसी नए कड़े कानून की आवश्यकता है. यह आयोग एक साल के अंदर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद देश में कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलाव को रोकने के कड़े प्रयास किए जाएंगे.
वीर सावरकर की जयंती पर गृहमंत्री ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
गुरुवार को महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की जयंती के अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें नमन किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. शाह ने कहा कि सावरकर इतने महान देशभक्त थे कि उन्हें किसी सरकारी सम्मान की आवश्यकता नहीं थी, देश का हर बच्चा उन्हें ‘वीर सावरकर’ के नाम से ही याद करता है.
उन्होंने सावरकर के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए समर्पित कर दिया था. वे देश के एकमात्र ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें अपने जीवनकाल में दो बार आजीवन कारावास (काले पानी) की सजा सुनाई गई थी. अमित शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वीर सावरकर ने समाज से छुआछूत को मिटाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया और भारतीय भाषाओं को समृद्ध बनाने व गौरव प्रदान करने में बहुत बड़ा योगदान दिया.


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