20 मई 2026
इंदौर:
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में क्राइम ब्रांच की टीम ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर करीब एक करोड़ रुपये की कीमत वाली खतरनाक एमडी ड्रग्स के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि अपराधियों को पकड़ने के लिए खुद क्राइम ब्रांच के थानेदार को मुंबई का ड्रग्स पैडलर यानी सप्लायर बनना पड़ा।
डीसीपी क्राइम ने तैयार किया था पूरा सीक्रेट प्लान
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का पूरा खाका डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने तैयार किया था। उनके पास इनपुट था कि राजस्थान का एक बहुत बड़ा ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय है। रणनीति के तहत क्राइम ब्रांच के थानेदार ने अपनी पहचान छिपाई और मुंबई का बड़ा ड्रग सप्लायर बनकर राजस्थान के मुख्य तस्कर शंकरसिंह से फोन पर बात की।
थानेदार ने शंकरसिंह को झांसा दिया कि उसे बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स की डिलीवरी चाहिए। डील पक्की होने के बाद तस्कर को माल की सप्लाई देने के लिए इंदौर बुलाया गया। जैसे ही मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में पहुंचा, पुलिस ने सटीक लोकेशन निकालकर घेराबंदी की और स्कॉर्पियो कार सहित दोपहिया वाहनों पर सवार पांचों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
इन पांच आरोपियों को पुलिस ने दबोचा
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
नवीन सोलंकी (उम्र 25 वर्ष), निवासी झालावाड़, राजस्थान
गोविंद वर्मा, निवासी सिलीकॉन सिटी, इंदौर
शंकरसिंह, निवासी झालावाड़, राजस्थान (मुख्य तस्कर)
विक्रम सिंह, निवासी उज्जैन
नरेंद्र सिंह, निवासी उज्जैन
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने एक किलोग्राम शुद्ध एमडी ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। इसके अलावा आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। पकड़े गए कुल माल की कीमत एक करोड़ 21 लाख रुपये आंकी गई है।
रैपिडो चलाने और सैलून की आड़ में करते थे तस्करी
क्राइम ब्रांच की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी नवीन सोलंकी और गोविंद वर्मा इंदौर में रहकर एक सैलून (नाई की दुकान) में काम करते थे और साथ ही रैपिडो बाइक टैक्सी भी चलाते थे। इसी काम की आड़ में वे शहर के भीतर ड्रग्स की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर युवाओं को सप्लाई करते थे। नेटवर्क का मुख्य सरगना शंकरसिंह राजस्थान के चूर्चूनी और डग गांव से बैठकर पूरे देश में एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर की बड़ी खेप भेजता था। इस गिरोह के बाकी सदस्य खेती-किसानी का काम करते हैं।
यह पहली बार है जब राजस्थान का इतना बड़ा ड्रग्स माफिया पुलिस के हत्थे चढ़ा है। वह राजस्थान के भीतर कभी ड्रग्स सप्लाई नहीं करता था, बल्कि वहां रहकर देश के अलग-अलग राज्यों के छोटे-बड़े पैडलर्स को माल भेजता था।
पुलिस कमिश्नर करेंगे पूरी टीम को पुरस्कृत
इस शानदार और जांबाज कामयाबी के बाद इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम की जमकर सराहना की है। पुलिस कमिश्नर ने टीम के हौसले और सूझबूझ को देखते हुए पूरी क्राइम ब्रांच टीम को विशेष रूप से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके पूरे नेटवर्क और इंदौर में उनके ग्राहकों की सूची खंगालने में जुटी हुई है।


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