4 जून 2026 :खबर प्रधान डेस्क:
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। बुधवार को कुवैत का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बड़े ड्रोन हमले का निशाना बन गया। कुवैती अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान का एक ड्रोन एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से टकरा गया, जिससे वहां मौजूद एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस भीषण हमले के कारण एयरपोर्ट के टर्मिनल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगी रोक, इंडिगो ने रद्द कीं फ्लाइट्स
इस अचानक हुए हमले के बाद कुवैत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए तुरंत प्रभाव से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां और आपातकालीन टीमें मुस्तैदी से तैनात कर दी गई हैं।
कुवैत के हवाई क्षेत्र के बंद होने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर पड़ा है। भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने कुवैत आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को 4 जून तक के लिए सस्पेंड (स्थगित) कर दिया है। एयरलाइन ने यात्रियों को अपनी फ्लाइट की स्थिति जांचने और मदद के लिए कस्टमर केयर से संपर्क करने की सलाह दी है। इंडिगो के अलावा कई अन्य विदेशी एयरलाइंस ने भी अपनी उड़ानों के रास्ते बदल दिए हैं या सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
ईरान का दावा और संघर्षविराम वार्ता पर संकट
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और एक अन्य देश के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है। हालांकि, ईरान ने सीधे तौर पर कुवैत का नाम नहीं लिया है और उसका कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई थी। दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है और कई ईरानी मिसाइलों तथा ड्रोनों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया गया। इस नए विवाद के कारण मध्यस्थ देशों के साथ संघर्षविराम बढ़ाने को लेकर चल रही बातचीत पर फिलहाल रोक लग गई है।
तेज हुआ आरोपों का दौर:
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि हॉरम्यूज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा किए गए ताजा सैन्य हमले संघर्षविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने हॉरम्यूज जलडमरूमध्य में स्थित एक ईरानी तेल टैंकर और कशम द्वीप पर मौजूद एक दूरसंचार टॉवर को निशाना बनाया।
ईरान का कहना है कि यह हमला ऐसे समय में किया गया जब संघर्षविराम लागू माना जा रहा था, इसलिए यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी संप्रभुता पर हुए इस हमले का कड़ा जवाब देगा। ईरान ने कुवैत और बहरीन को भी इन हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। ईरान का आरोप है कि इन दोनों देशों ने अमेरिकी सेना को अपने ठिकाने और सुविधाएं इस्तेमाल करने दीं, और अगर किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल उनके खिलाफ हमलों के लिए होता है, तो उस देश की भी जिम्मेदारी बनती है।


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