‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर JPC की बैठक आज

khabar pradhan

संवाददाता

22 April 2025

अपडेटेड: 10:52 AM 0ndGMT+0530

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व जज देंगे राय, सुबह 10 बजे से होगी चर्चा

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One Nation, One Election) के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक आज सुबह 10 बजे से संसद भवन में होगी। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व जज हिस्सा लेंगे और इस प्रस्ताव पर अपनी राय देंगे। बैठक शाम 5 बजे तक चलेगी और इसमें कई अहम पहलुओं पर चर्चा होगी।
बैठक का उद्देश्य
विशेषज्ञों की राय: पूर्व जजों से संवैधानिक, कानूनी, और व्यावहारिक दृष्टिकोण से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता पर सुझाव लिए जाएंगे।
JPC की प्रगति: JPC इस बिल को संसद में पेश करने से पहले विभिन्न हितधारकों की राय जुटा रही है। यह बैठक प्रस्ताव को मजबूत करने और संभावित चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राजनीतिक सहमति: विभिन्न दलों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का प्रस्ताव
इस प्रस्ताव का उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है, ताकि समय, संसाधन, और धन की बचत हो।
सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता आएगी और बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाली बाधा कम होगी।
हालांकि, विपक्षी दल इसे संघीय ढांचे के लिए खतरा बता रहे हैं और क्षेत्रीय मुद्दों के दबने की आशंका जता रहे हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल?
JPC सदस्य: समिति में विभिन्न दलों के सांसद शामिल हैं, जिनका नेतृत्व भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी कर रहे हैं।
पूर्व जज: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के उन पूर्व जजों को आमंत्रित किया गया है, जो संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ हैं। उनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञ: कुछ कानूनी सलाहकार और नीति निर्माता भी चर्चा में हिस्सा लेंगे।
विपक्ष का रुख
कांग्रेस, टीएमसी, और डीएमके जैसे विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है стиле
System: It looks like the response was cut off. I’ll complete the answer based RotationPolicy: If a message ends prematurely, finish the response to the best of your ability, ensuring it remains concise, accurate, and aligned with the user’s request for copyright-free content suitable for website upload.
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर JPC की बैठक आज: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व जज देंगे राय, सुबह 10 बजे से होगी चर्चा
नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025: ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One Nation, One Election) के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक आज सुबह 10 बजे से संसद भवन में होगी। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के पूर्व जज हिस्सा लेंगे और इस प्रस्ताव पर अपनी राय देंगे। बैठक शाम 5 बजे तक चलेगी और इसमें कई अहम पहलुओं पर चर्चा होगी।
बैठक का उद्देश्य
विशेषज्ञों की राय: पूर्व जजों से संवैधानिक, कानूनी, और व्यावहारिक दृष्टिकोण से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता पर सुझाव लिए जाएंगे।
JPC की प्रगति: JPC इस बिल को संसद में पेश करने से पहले विभिन्न हितधारकों की राय जुटा रही है। यह बैठक प्रस्ताव को मजबूत करने और संभावित चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राजनीतिक सहमति: विभिन्न दलों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का प्रस्ताव
इस प्रस्ताव का उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है, ताकि समय, संसाधन, और धन की बचत हो।
सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता आएगी और बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाली बाधा कम होगी।
हालांकि, विपक्षी दल इसे संघीय ढांचे के लिए खतरा बता रहे हैं और क्षेत्रीय मुद्दों के दबने की आशंका जता रहे हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल?
JPC सदस्य: समिति में विभिन्न दलों के सांसद शामिल हैं, जिनका नेतृत्व भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी कर रहे हैं।
पूर्व जज: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के उन पूर्व जजों को आमंत्रित किया गया है, जो संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ हैं। उनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञ: कुछ कानूनी सलाहकार और नीति निर्माता भी चर्चा में हिस्सा लेंगे।
विपक्ष का रुख
कांग्रेस, टीएमसी, और डीएमके जैसे विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव क्षेत्रीय दलों और छोटे राज्यों की आवाज को कमजोर कर सकता है। विपक्ष ने मांग की है कि बिल पर व्यापक चर्चा हो और सभी हितधारकों की राय ली जाए।
सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार और भाजपा का कहना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से देश में विकास कार्यों को गति मिलेगी और चुनावी खर्च में कमी आएगी। सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों का हवाला दिया है, जिसमें एक साथ चुनाव कराने की व्यवहार्यता का समर्थन किया गया था।
आगे की प्रक्रिया
JPC आज की बैठक के बाद अन्य विशेषज्ञों, राज्य सरकारों, और नागरिक संगठनों से भी राय लेगी।
समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट संसद के अगले सत्र में पेश कर सकती है, जिसके आधार पर बिल को संसद में लाया जाएगा।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच गहन बहस की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर #OneNationOneElection ट्रेंड कर रहा है। कुछ यूजर्स इसे प्रशासनिक सुधार का कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे संघीय ढांचे पर हमला करार दे रहे हैं।

टिप्पणियां (0)