21 April 2026 :

एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर नियमों में लगातार बदलाव हो रहे हैं। अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है जिसे DAC नंबर कहा जा रहा है।
डीएसी का मतलब है– डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड।

इस नए सिस्टम के अनुसार डिलीवरी लेते समय आपको अपने मोबाइल पर आया हुआ DAC  नंबर बताना जरूरी होगा । यह एक ओटीपी जैसा कोड होता है जो बुकिंग करने के बाद मिलता है । यदि यह नंबर नहीं बताया जाएगा तो डिलीवरी बॉय सिलेंडर वापस ले जा सकता है।

क्यों है जरूरी डीएसी नंबर:
डीएससी नंबर एक ओटीपी नंबर की तरह होता है ‌क्षजो गैस बुक करने के बाद आपके मोबाइल पर दिया जाता है ‌ जब गैस की सिलेंडर की डिलीवरी होती है  तो यह नंबर दिखाना जरूरी होता है । इस नए नियम के अनुसार फर्जी डिलीवरी ,गलत बिलिंग, गैस चोरी ,ब्लैकमेलिंग जैसी समस्याओं को रोकना है । इस कोड के बिना डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।  जिससे ग्रहों को सुरक्षा मिलेगी और ब्लैक मार्केटिंग से निजात मिलेगी।
यदि डीएसी नंबर ना मिले तो:
ग्राहकों को अनुरोध किया जा रहा है कि कई बार नेटवर्क या टेक्निकल समस्या से डीएसी नंबर समय पर नहीं मिल रहा।  जिसकी वजह से आप घबरायें नहीं।  आप डिलीवरी बॉय से दोबारा कोड भेजने के लिए कह सकते हैं । इसके अलावा गैस एजेंसी या ऐप के जरिए डीएपी नंबर फिर से प्राप्त किया जा सकता है।

क्या है डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड:
डीएससी नंबर 1 यूनिक कोड होता है इसका मतलब होता है डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड जब आपका डिलीवरी बॉय आपसे यह कोड मांगेगा । सही कोड देने के बाद ही आपको सिलेंडर डिलीवर किया जाएगा। गैस कंपनियों ने गैस सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित और ब्लैक मार्केटिंग को कम करने के लिए यह नया सिस्टम शुरू किया है । अभी लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है।  जिसकी वजह से डिलीवरी में दिक्कतें आ सकती है।  लोगों को इस बारे में जानकारी होना जरूरी है। जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।