समाज के हर वर्ग को मजबूत करने का संकल्प के साथ
राज्य सरकार ने इस बार के बजट में समाज कल्याण को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, अनुसूचित जाति-जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाओं को शामिल किया है। बजट को गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे समग्र विकास को गति मिले।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रावधान
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही कार्यरत महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 5,700 नए हॉस्टल बनाने की योजना बनाई गई है।
स्वयं सहायता समूहों और उज्ज्वला जैसी योजनाओं को भी बजट में शामिल कर महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
दिव्यांगजनों और श्रमिकों के लिए मजबूत सुरक्षा
दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए 2,857 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें आर्थिक सहायता, पेंशन और अन्य योजनाएं शामिल हैं।
असंगठित क्षेत्र / श्रमिक
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए श्रम विभाग को 1,335 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिससे सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और बीमा सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
शिक्षा और छात्रवृत्ति के जरिए भविष्य निर्माण
छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए कुल 986 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के साथ समाज कल्याण से जुड़े अन्य कमजोर वर्गों को भी लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर विशेष फोकस
ग्रामीण रोजगार गारंटी के लिए 10,428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कमजोर वर्गों की आय में सुधार होगा।
अन्य समाज कल्याण से संबंधित प्रावधान
संबल योजना 2.0 के तहत कौशल विकास और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए संवेदनशील पहल
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों को धार्मिक यात्राओं का लाभ मिल सके।
मिड-डे मील
मिड-डे मील के तहत कक्षा आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क दूध, शिक्षा और पोषण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
समग्र विकास के जरिए सामाजिक संतुलन की कोशिश
सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आर्थिक-सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। बजट में किए गए ये प्रावधान राज्य में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


Leave a Reply