*कल अयोध्या में श्रीराम के चरणों में समर्पित होगा 286 किलो वजनी ‘स्वर्ण महाधनुष’*
संवाददाता
21 January 2026
अपडेटेड: 5:39 PM 0stGMT+0530
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या कल एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम के चरणों में पंचधातु से निर्मित, सोने के लेप से सुसज्जित और लगभग तीन क्विंटल (286 किलोग्राम) वजनी भव्य धनुष समर्पित किया जाएगा। यह धनुष एक किलोग्राम सोना ढाई किलोग्राम चांदी के अलावा तांबा जस्ता और लोहे से निर्मित किया गया है l सोने के लेप और विशाल वजन के कारण इस धनुष को ‘स्वर्ण महाधनुष’ नाम दिया गया है।
इस धनुष का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम में पारंपरिक शिल्प और वैदिक मान्यताओं के अनुसार किया गया है। निर्माण कार्य उड़ीसा के राउरकेला स्थित धार्मिक संस्था सनातन जागरण मंच के निर्देशन में संपन्न हुआ।
स्वर्ण महाधनुष 2 जनवरी से दर्शनार्थ यात्रा पर है। यह यात्रा उड़ीसा के राउरकेला से प्रारंभ होकर राज्य के विभिन्न जिलों से होती हुई आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के माध्यम से धनुष का स्वागत किया।
20 जनवरी को यह पावन स्वर्ण महाधनुष भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी पहुंचा। महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से धनुष की पूजा-अर्चना की। जगन्नाथ पुरी में दर्शन और अनुष्ठान के उपरांत वहीं से इस धनुष को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के लिए विधिवत रवाना किया गया।
स्वर्ण महाधनुष की यह लंबी और श्रद्धामय यात्रा अयोध्या पहुंचने के साथ पूर्ण होगी। कल वैदिक मंत्रोच्चार, संतों की उपस्थिति और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच इसे भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पित किया जाएगा।
श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद इस प्रकार के आयोजन सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहे हैं।
भगवान श्री राम के चरण स्पर्श के बाद इसे राम मंदिर संग्रहालय में स्थापित कर दिया जाएगा l