6 मई 2026 :मध्य प्रदेश
खबर प्रधान डेस्क:
प्रदेश भर में किसानों के मुद्दों को उठाने के लिए 7 अलग-अलग स्थानों पर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन:
मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने कल 7 मई को एक बड़ा सड़क आंदोलन करने का ऐलान किया है। जिसमें 7 अलग-अलग जगहों पर हाईवे जाम कर किसानों के मुद्दों को उठाने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा और किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है । इस बड़े आंदोलन की वजह से कई जिलों में यातायात प्रभावित हो सकता है। जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों को जामकर कांग्रेस पार्टी सड़क सत्याग्रह करेगी।
कांग्रेस का सरकार पर आरोप:
इस आंदोलन के जरिए गेहूं खरीदी में विफलता और किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप सरकार पर लगाये जा रहे है। एक प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री पीपी शर्मा ने बताया कि प्रदेश के कई अलग-अलग हिस्सों में एक साथ हाईवे जाम करने की पार्टी की तैयारी है । इस आंदोलन का नेतृत्व वे स्वयं करेंगे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
पार्टी का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और किसानों की आवाज को मजबूती से सरकार तक पहुंचाना मुख्य उद्देश्य है।
हाईवे जाम करने से ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका:
सरकार का कहना है कि आंदोलन का असर व्यापक हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह ठप है। सरकार बार-बार गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाती है । स्टॉल बुकिंग में देरी दिखाती है ,इस वजह से सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। गेहूं खरीदी के शुरुआती 14 दिनों में सिर्फ 9.30 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो पाई है। इससे बहुत से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कई किसान ऐसे हैं जो पंजीयन, स्टॉल बुकिंग, पर्ची अपलोड और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस आंदोलन का उद्देश्य किसाने के हक में आवाज उठाना बताया है । उन्होंने इसे सड़क सत्याग्रह का नाम दिया है और कहा है कि आम जनता को परेशान नहीं किया जाएगा । सिर्फ किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले और किसानों को परेशान ना होना पड़े । उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है।
सड़क जाम से कांग्रेस की सरकार से मांग:
कांग्रेस का सरकार से यह मांग है कि गेहूं का उचित मूल्य निर्धारण किया जाए । गेहूं का अंतर किसानों को दिया जाए और खरीदी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
मध्य प्रदेश सरकार ने कांग्रेस के आरोपी को सिरे से किया खारिज:
गेहूं खरीदी को लेकर सरकार ने कांग्रेस के आरोपी को सिरे से खारिज किया है । वहीं खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है, कि गेहूं खरीदी की सीमा बढ़ाई गई है और यह सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल रही है। अब तक बड़ी मात्रा में किसानों से गेहूं खरीदी की जा चुकी है और वेयरहाउस की क्षमता भी बढ़ाई गई है।
कांग्रेस सिर्फ आंदोलन के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है जिससे प्रशासन और सरकार परेशान हो और उन पर दबाव बनाया जाए । इससे कार्य में परेशानियां आती है।
प्रशासन ने संभावित जाम और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चाकचौबंद कर ली है और मोर्चा संभालने की तैयारी भी कर ली है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने की एडवाइजरी जारी:
मध्य प्रदेश कांग्रेस के द्वारा 7 मई को किसान आंदोलन का आह्वान किया गया है। एबी रोड यानी NH 3 और NH 52 प्रभावित हो सकते हैं। जिसके कारण ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ट्रक चालकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि नेशनल हाईवे प्रभावित होने की आशंका है ।इस वजह से ट्रक चालकों को नेशनल हाईवे नंबर 3 और नेशनल हाईवे 52 से गुजरने को लेकर हिदायत दी गई है । ट्रक चालकों को कहा गया है कि इन मार्गों से सुबह 10:00 बजे के पहले निकल जाए और जाम की स्थिति से बचने के लिए एबी रोड के बजाय प्रशासन द्वारा दिए गए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
जाम वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचें।ऐसे लोग जो कच्चा माल ले जा रहे हैं, जैसे फल ,सब्जी ,दूध ले जाने वाले चालक इन रास्तों में जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें । जिससे माल खराब ना हो सके। अनावश्यक भीड़ का हिस्सा ना बने हाईवे पर ज्यादा देर ना ठहरें। अपने वाहन को सड़क किनारे या सुरक्षित पार्किंग में खड़ा करें।


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