कुनो नेशनल पार्क : भारत में जन्मी पहली मादा चीता ‘मुखी’ के 3 साल पूरे
संवाददाता
30 March 2026
अपडेटेड: 12:08 PM 0thGMT+0530
30 मार्च 2026
श्योपुर, मध्य प्रदेश:
भारत के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए एक बेहद सुखद और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। कुनो नेशनल पार्क में पली-बढ़ी देश की पहली स्वदेशी मादा चीता ‘मुखी’ ने 29 मार्च 2026 को अपने जीवन के तीन सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। कभी विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय रही मुखी अब न केवल एक सफल शिकारी है, बल्कि 5 स्वस्थ शावकों की माँ भी बन चुकी है।
मुखी की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। मार्च 2023 में जब उसका जन्म हुआ, तब उसकी माँ ‘ज्वाला’ ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया था। ऐसे में वन विभाग के सामने उसे बचाने की बड़ी चुनौती थी। पार्क प्रबंधन ने उसे ‘बॉटल फीडिंग’ (बोतल से दूध पिलाना) के जरिए इंसानी देखरेख में पाला।
आमतौर पर माना जाता है कि इंसानों के बीच पले-बढ़े वन्यजीव प्राकृतिक शिकार और मातृत्व में पीछे रह जाते हैं, लेकिन मुखी ने इन धारणाओं को गलत साबित कर दिया:
* शिकार की कला: मुखी ने अपनी माँ से नहीं, बल्कि दूसरे चीतों को देखकर शिकार करना सीखा।
* सफल मातृत्व: नवंबर 2025 में मुखी ने 5 शावकों को जन्म दिया। ये शावक अब 4 महीने के हो चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।
* ऐतिहासिक उपलब्धि: यह पहली बार है जब भारतीय परिस्थितियों में खुले जंगल में सफल मेटिंग के जरिए चीतों की नई पीढ़ी तैयार हुई है।
कुनो में चीतों का अर्धशतक
मुखी और उसके 5 नन्हे शावकों की बदौलत कुनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या अब बढ़कर 50 तक पहुंच गई है। वर्तमान में ये शावक अपनी माँ के साथ बड़े बाड़े में चहलकदमी कर रहे हैं और जंगली माहौल को समझने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि असली परीक्षा तब होगी जब ये शावक एक साल के हो जाएंगे। तब उन्हें खुले जंगल में खुद शिकार की चुनौतियों का सामना करना होगा। फिलहाल, प्रोजेक्ट चीता के लिए यह एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।