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नई दिल्ली। S&P Global Ratings ने करेंट फाइनेंशियल ईयर यानि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद को लेकर अनुमानित आंकड़े जाहिर किए हैं।

इस साल जीडीपी को बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है। ये अनुमान सामान्य मानसून, कच्चे तेल की कम कीमतों को देखते हुए लगाया है।

इसके अलावा मीडिल ईस्ट में चल रही ग्लोबल इकोनॉमी के लिए खतरे की भी आशंका जताई है। साथ ही कहा है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा तो तेल की कीमतें बढ़ सकती है। इसका असर एशिया प्रशांत महासागर में देखने को मिलेगा।

एसएंडीपी की मानें तो मौजूदा समय में ग्लोबल उर्जा बाजार पर लंबे वक्त तक का असर पड़ने की आशंका कम ही है। इसके तहत भारत अपनी 85 फीसदी से 90 प्रतिशत तेल आयात करता है।

इसके अलावा भारत आधी से ज्यादा नेचुरल गैस विदेशों से मंगवाता है। वहीं बीते महीने इसी संस्था ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए भारत की विकास दर में 20 पॉइंट की कमी बताई थी।

रेटिंग एजेंसी की मानें तो हम वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत स्थिर रहने की उम्मीद करते हैं।


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