ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी:

ईरान एक गंभीर आर्थिक और राजनीतिक मंदी के दौर से गुजर रहा है।
ईरान में जनता सड़कों पर उतरकर सत्ता के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। और ईरान के सर्वोच्च नेता अली खोमनेई के खिलाफ यह प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के करीब 21 प्रांतों में बगावत की चिंगारी सुलग उठी है। जनता सड़कों पर उतरकर नारे लगा रही है और सत्ता में बदलाव की मांग कर रही है।

प्रदर्शन का पांचवा दिन:
यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में रैलियां निकाली हैं। यह प्रदर्शनकारी कई शहरों में सड़कों पर उतर आए और खोमनेई के खिलाफ नारे लगाए।

क्यों है ये विरोध प्रदर्शन :
जनता के विरोध प्रदर्शन की वजह ईरान की मुद्रा का रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच जाना है। ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया है। ईरान में इस वक्त रियाल की हालत बेहद खराब है । रियाल डॉलर के मुकाबले 14.02 लाख के निचले स्तर पर पहुंच गया। रियाल सोमवार को 13.8 स्तर पर रहा। साल 2022 में जब सेंट्रल बैंक के प्रमुख फर्जिन ने पद संभाला था, तब डॉलर 4.3 लाख रियल में मिलता था । ईरान में लगातार मुद्रा की गिरावट ने महंगाई की दर को बढ़ा दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर माह में महंगाई की दर 42.2 फिसदी रही। जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें 72 फ़ीसदी तक बढ़ गई । दवाइयां और मेडिकल ट्रीटमेंट की कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ गई। ईरानी मीडिया में यह खबर भी आई कि सरकार 21 मार्च से नया टैक्स भी बढ़ा सकती है और पेट्रोल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसके बाद लोगों में चिंता और बढ़ गई।

जैसे ही ईरान के सरकारी टीवी पर यह खबर आई कि सेंट्रल बैंक के प्रमुख मोहम्मद रजा फर्जिन ने इस्तीफा दिया है ,उसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान के सादी स्ट्रीट और ग्रैंड बाजार के व्यापारियों और दुकानदारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

गिरती अर्थव्यवस्था से व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया उसके बाद छात्र भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
इन प्रदर्शनों की वजह से ईरान में तख्ता पलट की आशंकाएं बढ़ गई है सरकार ने कई बार इन प्रदर्शन कार्यों से बातचीत की पेशकश की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला अब यह प्रदर्शन हिंसक हो चुका है प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों ने गोलियां भी चलाई है जिससे कई लोगों की मौत की खबर भी है।

प्रदर्शन हुआ हिंसक:
ईरान में न्यूज़ एजेंसी की खबर के अनुसार यह प्रदर्शन हिंसक हो चुका है जिसके मुताबिक लाॅरदेगन में प्रदर्शनकारी और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच खतरनाक झड़पों की खबरें आ रही हैं । दोनों पक्षों से गोलियां चलने की भी खबरें आ रही है। इस हिंसक झड़प में कई लोगों की मौत हो गई है । जिसमें एक सुरक्षा कर्मी की भी मौत की पुष्टि की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारत में भी तोड़फोड़ की कोशिश की । सुरक्षा बलों ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए बल इस्तेमाल किया । इसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और हिंसक झड़प शुरू हो गई।

भीड़ का उग्र रूप:
यह आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है और भीड़ का उग्र रूप दिखाई दे रहा है सुरक्षा बलों का हस्तक्षेप भी नाकाम हो गया है।
इन प्रदर्शनकारियों में एक 28 साल की महिला को गिरफ्तार किया गया है। जो इस समूह की अगुवाई कर रही थी। इस झड़प में सुरक्षा बलों के तीन लोग जख्मी हुए हैं और चार प्रदर्शनकारी गिरफ्तार भी किए गए हैं। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। इस विरोध प्रदर्शन से विद्रोह बढ़ता जा रहा है। सरकार बातचीत का ऑफर भी दे रही है , चेतावनी भी दे रही है,इसके बावजूद समस्या का हल निकलने के आसार नहीं दिख रहे।

इन प्रदर्शन कार्यो ने शाह की वापसी के नारे लगाए। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खोमनेई की सत्ता को कोई बड़ा खतरा है या सिर्फ कुछ दिनों का विद्रोह।