चित्रकूट बनेगा धार्मिक पर्यटन केंद्र:
तीर्थ के रूप में विकसित करेगी मोहन सरकार:

khabar pradhan

संवाददाता

4 January 2026

अपडेटेड: 4:29 PM 0thGMT+0530

चित्रकूट बनेगा धार्मिक पर्यटन केंद्र: <br>तीर्थ के रूप में विकसित करेगी मोहन सरकार:


चित्रकूट का होगा समग्र विकास: तीर्थ के रूप में विकसित करेगी मोहन सरकार!

चित्रकूट के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए मध्य प्रदेश की  मोहन सरकार इसके समग्र विकास की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
और इसके लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है । इस योजना के लागू होते ही चित्रकूट एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।
इस दिशा में कदम उठाते हुए मोहन सरकार ने चित्रकूट के समग्र विकास के लिए 5000 करोड़ की कार्य योजना बनाई है।  इसमें से 2800 करोड़ के निर्माण कार्य अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएंगे।
इन विकास कार्यों में नगर वन निर्माण घाटों का विकास ,सड़कों का सुधार, सौंदर्यकरण ,मंदाकिनी नदी की साफ सफाई ,घाटों का निर्माण शामिल है।  इसके साथ ही मझगवां क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों और शिक्षण संस्थानों की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है।

मंदाकिनी नदी को मिलेगा नया जीवन:
सरकार का उद्देश्य है मंदाकिनी नदी की साफ सफाई घाटों का निर्माण नदी की स्वच्छता  बनी रहे। चित्रकूट धाम में भगवान कामतानाथ के दर्शन करने आए हुए भक्तों को और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद भी सरलता से उपलब्ध हो। इस दिशा में भी मोहन सरकार कार्य कर रही है।

भगवान श्री राम की तपोभूमि है चित्रकूट:
चित्रकूट का विकास संतों और आम नागरिकों से मिले सुझावों के आधार पर किया जाएगा । चित्रकूट भगवान श्री राम की तपोभूमि है।  चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा । इसके तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण ,परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण ,धार्मिक स्थलों के विकास के कार्य तेजी से  पूरे किए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए चित्रकूट विकास प्राधिकरण की स्थापना को स्वीकृति दे दी है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि चित्रकूट में जारी 2800 करोड़ के निर्माण कार्य आगामी अप्रैल माह तक पूरे किए जाएंगे।  जिससे ग्रामीण पर्यटन को मजबूती मिले और इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर  भी मिलेंगे।

दौरी सागर बांध का निर्माण:
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दौरी सागर बांध के निर्माण की योजना प्रस्तावित है ।इससे मंदाकिनी नदी को नया जीवन मिलेगा और मंदाकिनी नदी वर्ष भर जल युक्त बनी रहेगी।

1450 किलोमीटर लंबा राम वनगमन पथ का विकास:
मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्री राम के वन गमन पथ को धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है।  भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान मध्य प्रदेश के जिन-जिन स्थानों से यात्रा की थी ,उन सभी स्थलों को चिन्हित किया जाएगा और उसे एक तीर्थ के रूप में संवारा जाएगा। इसके साथ ही चित्रकूट के आवागमन के मार्ग को और लंका विजय के बाद भगवान श्री राम के अयोध्या लौटने के मार्ग को भी पहचान कर के धार्मिक  महत्व के मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।


मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्री राम के गौरवशाली अतीत से मध्य प्रदेश का गहरा संबंध है । उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश एक सौभाग्यशाली राज्य है, जहां भगवान श्री राम ने मंदाकिनी नदी के तट पर लंबे समय तक निवास किया।
सरकार की योजना के अनुसार चित्रकूट धाम सहित राम वनगमन पथ के मार्ग के सभी स्थलों का विकास किया जाएगा । इसके लिए पूरी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
चित्रकूट को अयोध्या की तरह विकसित करना सरकार का लक्ष्य है।  जिससे यह भगवान श्री राम के जीवन से जुड़ा हुआ सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बन सके।
राम वन गमन पथ मार्ग की कुल लंबाई 1450 किलोमीटर है। इस मार्ग पर 23 प्रमुख धार्मिक स्थल स्थित है।  जिनमें सतना, पन्ना ,कटनी, अमरकंटक ,शहडोल और उमरिया जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।

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