28 मई 2026
नई दिल्ली:
चीन और पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए एक साझा बयान पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने इस बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह से अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के साथ-साथ देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मामले में सुर में सुर मिलाते हुए साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।
विदेश मंत्रालय ने दिया सख्त जवाब
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत इस बयान में जम्मू-कश्मीर के अनुचित संदर्भों को सिरे से खारिज करता है। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट और सुसंगत रहा है, जिसके बारे में दुनिया के सभी संबंधित देशों को अच्छे से पता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं, रहे हैं और आगे भी रहेंगे। किसी भी दूसरे देश को भारत के इस आंतरिक मामले में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। यह प्रतिक्रिया मंगलवार को बीजिंग में चीन और पाकिस्तान के नेताओं की बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान के जवाब में आई है।
कांग्रेस ने कहा- हमें पीओके वापस चाहिए
इस मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भारतीय रुख का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का एक-एक इंच हिस्सा सिर्फ और सिर्फ भारत का है। प्रमोद तिवारी ने आगे कहा कि अगर कोई विवाद बचा है, तो वह केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके को लेकर है। उन्होंने मांग की कि वह हिस्सा भारत को वापस मिलना चाहिए और उसे भारत के नक्शे में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि यही अखंड भारत का असली सपना है।
बीजेपी और अन्य नेताओं ने भी जताई सहमति
बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विदेश मंत्रालय के इस बयान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल सही स्टैंड है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, जिससे यह साफ हो चुका है कि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भारतीय सेना की तैयारियों की तारीफ करते हुए कहा कि देश की सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई भी विदेशी ताकत भारत के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता या कार्रवाई करने की कोशिश करेगी, तो हमारी सशस्त्र सेनाएं उसका मुंहतोड़ और कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।


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