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18 June 2026:

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद कड़ा और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत और समझौते को लेकर अमेरिका का रुख बिल्कुल साफ है। अगर ईरान ने अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया, तो उसके खिलाफ फिर से बमबारी की जाएगी।
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान के साथ जो डील होने की बात चल रही है, वह फाइनल नहीं है। यह सिर्फ एक एमओयू यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका की बात नहीं मानी, तो हम फिर से बमबारी की कार्रवाई शुरू करेंगे। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने ये सभी बातें खुलकर कहीं।
ट्रंप ने अपने बयान में इतिहास का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पूरे इतिहास में आज तक कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान पर उनके जितना सख्त नहीं रहा है। ट्रंप ने पिछले राष्ट्रपतियों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि क्लिंटन, बुश, ओबामा और बाइडन जैसे राष्ट्रपतियों ने इस समस्या को सुलझाने के लिए कुछ भी ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले 47 सालों से अमेरिका को लगातार डराता आ रहा था, लेकिन हमने ईरान की नौसेना और वायुसेना को तहस-नहस कर दिया। इसके साथ ही उनके पूरे सैन्य सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया है, जिसकी वजह से अब ईरान के पास न तो रडार बचे हैं और ना ही कोई मिसाइल रक्षा प्रणाली बची है।

इसके अलावा ट्रंप ने उन खबरों को भी पूरी तरह से झूठा करार दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि खाड़ी देशों के पैसों से 300 अरब डॉलर का एक कंस्ट्रक्शन फंड बनाया जा रहा है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका इस काम में एक भी पैसा निवेश नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर दूसरे देश अपनी मर्जी से इसमें निवेश करना चाहते हैं, तो अमेरिका उन्हें ऐसा करने से नहीं रोकेगा।

इस मामले पर इजरायल के राजदूत की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता इजरायल, अमेरिका और खाड़ी देशों के लिए बेहद खराब साबित हो सकता है। इजरायली चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने चिंता जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बातचीत की प्रक्रिया को जल्दबाजी में शुरू करने की कोशिश से ईरान को अपनी स्थिति और मजबूत करने का मौका मिल गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ मुलाकात में उठाया सुरक्षा का मुद्दा
एक तरफ जहां ट्रंप और ईरान के बीच तनाव की खबरें गर्म हैं, वहीं दूसरी तरफ जी7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ की जाने वाली किसी भी संभावित डील में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को पूरी तरह से पक्का और सुनिश्चित किया जाएगा।
इस बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ भी की। ट्रंप ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की उम्मीदों के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की। ट्रंप ने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल बनाने में भारत एक बहुत ही बेहतरीन और बड़ी भूमिका निभा सकता है। ट्रंप ने पीएम मोदी और उनकी वर्किंग स्टाइल की सराहना करते हुए उनके इस पूरे स्टेटमेंट को बेहद शांत और जबरदस्त बताया।


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