18 अप्रैल 2026

नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया से एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर आ रही है। लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच ईरान ने आखिरकार होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया है। इस फैसले से वैश्विक बाजार, खास तौर पर भारत को बहुत बड़ी राहत मिली है।
क्यों अहम है यह फैसला
पिछले कुछ समय से इजरायल और लेबनान के बीच भारी गोलाबारी और तनाव चल रहा था। इसी विरोध में ईरान ने होर्मुज के रास्ते को बंद कर दिया था। अब 10 दिनों के युद्धविराम के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर इस मार्ग को दोबारा खोलने की पुष्टि की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पूरी तरह समझौता नहीं हो जाता, ईरान पर अमेरिकी आर्थिक पाबंदियां जारी रहेंगी।

भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना किसी संजीवनी से कम नहीं है। इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:
तेल की आपूर्ति
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक होने के नाते भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से मंगवाता है।
49 दिनों का संकट टला
पिछले 49 दिनों से यह मार्ग बंद होने की वजह से भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई पर भारी दबाव बना हुआ था।
कीमतों पर नियंत्रण
अच्छी बात यह रही कि इस संकट के बावजूद सरकार ने देश में तेल और गैस की कीमतों को बढ़ने नहीं दिया। अब मार्ग खुलने से सप्लाई चेन फिर से सामान्य हो जाएगी।
शांति की ओर बढ़ते कदम
इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका भी अहम रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल को लेबनान पर बमबारी रोकने के निर्देश दिए हैं और हिजबुल्ला के मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर स्थितियां फिर से बिगड़ती हैं, तो वह इस रास्ते को दोबारा बंद कर सकता है, लेकिन फिलहाल शांति वार्ता जारी है।
इस फैसले से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।