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15 मई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश/ धार/
मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भोजशाला परिसर को मंदिर माना है और वहां हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार भी दे दिया है। यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

हाई कोर्ट ने फैसले में क्या कहा:
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस स्थल पर हिंदू पूजा की परंपरा कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। साथ ही ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर यह भी माना गया कि यह स्थान परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि भोजशाला और कमल मौला मस्जिद का विवादित स्थल अधिनियम 1958 के तहत एक संरक्षित स्मारक है । इस क्षेत्र का अपना एक धार्मिक स्वरूप है जो देवी वाग्देवी सरस्वती  का भोजशाला मंदिर है। इसके अलावा हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि तीर्थ यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना, कुछ स्थानों की उचित व्यवस्थाएं करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना संवैधानिक कर्तव्य है।  साथ ही पवित्रता का संरक्षण और देवी के स्वरूप का संरक्षण भी अति आवश्यक है।
अदालत ने ASI की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण मानते हुए उस पर भरोसा जताया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक संरक्षित इमारत है और इसका नियंत्रण तथा संरक्षण ASI के पास रहेगा।
मुस्लिम पक्ष को लेकर अदालत ने कहा कि वह कानून के अनुसार अपने अधिकारों के लिए आवेदन कर सकता है और उचित प्रक्रिया के तहत दावा प्रस्तुत कर सकता है।
भोजशाला को मंदिर मानने पर हिंदू पक्ष के वकील का कहना:
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने भोजशाला को राजा भोज का मंदिर माना है और पूजा का अधिकार दिया है उन्होंने आगे बताया कि इंदौर हाई कोर्ट ने हिंदू समाज का पूजा पाठ का अधिकार दिया है और ASI की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने भरोसा दिखाया है।
अब इस मंदिर परिसर में सिर्फ पूजा होगी। आज शुक्रवार के दिन यहां आखिरी नमाज हुई है।
यह फैसला दोनों पक्षों के लिए अहम माना जा रहा है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।
धार जिले में कड़ी सुरक्षा प्रबंध :
हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में 2022 में एक याचिका दायर की गई थी।  जिसमें 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई के बाद 12 मई को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था और आज 15 मई शुक्रवार के दिन अपना फैसला सार्वजनिक किया।  इस फैसले के बाद पूरे धार जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है । जहां पांच लोगों से ज्यादा इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है।  किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन और जुलूस पर भी रोक लगाई गई है। जिले की पुलिस निगरानी रख रही है।  किसी भी तरह के भड़काऊ कमेंट और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है।इसके साथ ही पेट्रोल डीजल की बोतल में की गई बिक्री पर भी कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसी भी तरह की अपराधिक गतिविधियां या संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर एक्शन की पूरी तैयारी है।


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