30 2026:
मध्य प्रदेश/भोपाल/
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले पर इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नीट यूजी की राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के पहले राउंड में एमबीबीएस सीटों के अलॉटमेंट में लड़कों ने लड़कियों को पीछे छोड़ बाजी मारी है। प्रदेश की कुल 5,700 एमबीबीएस सीटों में से पहले चरण में 5,146 सीटें आवंटित की गईं। 2,875 सीटों पर लड़कों और 2,271 सीटों पर लड़कियों को प्रवेश मिला है।
लड़कों ने मारी बाजी, लड़कियों से 604 सीटें ज्यादा झटकीं:
निजी क्षेत्र में भी लड़कों का दबदबा रहा । 280 सीटें ज्यादा पाने में लड़के सफल रहे।
प्रवेश आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवंटित 2,440 सीटों में से 1,382 सीटें लड़कों और 1,058 सीटें
लडकियों को लड़कियों को मिली हैं। यहां लड़के 324 सीटों से आगे रहे है। निजी मेडिकल कॉलेजों की 2,706 आवंटित सीटों में से 1,493 सीटों पर लड़के और 1,213 सीटों पर लड़कियां काबिज हुईं।
पिछले वर्ष की तुलना में स्थितियां अलग:
वर्ष 2025 की बात करें तो इस बार तस्वीर अलग है। बीते वर्ष एमबीबीएस और बीडीएस की 2,003 सीटों के विश्लेषण में 1,008 लड़कियां और 995 लड़के थे, उस समय लड़कियां 13 सीटों से आगे चल रही थीं। अब एक साल में लड़कियों की बढ़त का खत्म होना और लड़कों का 604 सीटों के बड़े अंतर से आगे
निकलना राज्य के मेडिकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
भोपाल-इंदौर के कॉलेजों की मांग अधिक:
पहले चरण की काउंसिलिंग में छात्रों की पहली पसंद राजधानी भोपाल का गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमजी) और एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर रहा है। जीएमसी में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों का नीट स्कोर 593 से 641 के बीच रहा। एमजीएम में यह स्कोर 607 से 658 के के बीच दर्ज किया गया।


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