पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलर फिर एक बार खुलकर आई सामने:
संवाददाता
20 January 2026
अपडेटेड: 10:24 PM 0thGMT+0530
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर अंदरुनी कलह खुलकर सामने आ गई है। इस बार विवाद जट्ट सिख बनाम दलित नेतृत्व को लेकर है, और इसकी वजह बने हैं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। दरअसल, सोशल मीडिया पर चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे पार्टी के भीतर दलित समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व न मिलने का सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। जो कांग्रेस की अनुसूचित जाति शाखा की एक बैठक का बताया जा रहा है। इस बैठक में चन्नी ने कहा कि अगर पंजाब में दलितों की आबादी 35 से 38 फीसदी है, तो फिर कांग्रेस संगठन में उन्हें समान प्रतिनिधित्व क्यों नहीं मिल रहा?
चन्नी ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर पार्टी के शीर्ष पदों का जिक्र करते हुए कहा कि— प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा में विपक्ष के नेता, महिला कांग्रेस प्रमुख और महासचिव सभी ऊंची जाति से हैं। ऐसे में दलित नेताओं के लिए पार्टी में जगह कहां है? हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। उनका कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया पर दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार का शिकार बनाया जा रहा है। लेकिन अब मीटिंग के एक और वीडियो के सामने आने से ये साफ हो गया है कि पंजाब कांग्रेस में जट्ट सिख और दलित नेतृत्व को लेकर तनाव लंबे समय से मौजूद है।
फिलहाल, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, और विपक्ष के नेता हैं प्रताप सिंह बाजवा दोनों ही जट्ट सिख समुदाय से आते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस आलाकमान भी अलर्ट हो गया है। कुछ खबरों के मुताबिक, 23 जनवरी को पार्टी की राज्यस्तरीय नेताओं की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।श्र उधर,कांग्रेस के इस विवाद पर बीजेपी ने भी निशाना साधा है।श्र भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों ने चरणजीत सिंह चन्नी को बीजेपी में शामिल होने का खुला न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में चन्नी को सम्मान और प्रतिनिधित्व दोनों मिलेगा।
अब सवाल ये है कि क्या दलित प्रतिनिधित्व का मुद्दा पंजाब कांग्रेस के लिए आने वाले चुनावों में नई मुसीबत बन जाएगा।