पहलगाम हमले के बाद बड़ा एक्शन? एक्शन में राजनाथ सिंह
संवाददाता
28 April 2025
अपडेटेड: 8:08 AM 0thGMT+0530
पहलगाम हमले के बाद बड़ा एक्शन? एक्शन में राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सेना प्रमुख और पीएम मोदी संग गुप्त बैठकें
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद भारत की सुरक्षा व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की लगातार उच्च स्तरीय बैठकों ने यह संकेत दिया है कि सरकार और सेना कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। रविवार को राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान के साथ 40 मिनट तक गहन चर्चा की, जिसमें सेना की तैयारियों, रणनीति और जम्मू-कश्मीर में चल रहे ऑपरेशनों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद, सोमवार सुबह 11 बजे, 28 अप्रैल 2025 को, राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे और एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। 24 घंटे में हुई ये दो अहम बैठकें देश में कुछ बड़ा होने की ओर इशारा कर रही हैं।
पहलगाम हमले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आतंकियों ने स्थानीय हैंडलरों की मदद से ड्रोन के जरिए रेकी की थी और पाकिस्तान से क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से फंडिंग प्राप्त की थी। हमले के बाद आतंकियों के पुलवामा की ओर भागने की जानकारी मिली, जिसके चलते सुरक्षा बलों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया। सघन तलाशी अभियान और ड्रोन निगरानी को तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही, रविवार रात पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा और पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर अचानक गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना ने इसका करारा जवाब दिया, और सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी पक्ष को भारी नुकसान हुआ। इन घटनाओं ने भारत-पाक सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है।
राजनाथ सिंह और पीएम मोदी की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, LoC पर जवाबी रणनीति, और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि सरकार आतंकी फंडिंग के क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू कर सकती है। इसके अलावा, गोरखपुर मठ और CM योगी आदित्यनाथ के नाम का दुरुपयोग कर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई पर विचार हो सकता है, क्योंकि यह मामला हाल ही में सुर्खियों में आया है।
सोशल मीडिया पर इन बैठकों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। कई यूजर्स का मानना है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कोई बड़ा कदम उठा सकता है। कुछ लोग इसे सीमा पर बढ़ते तनाव के जवाब में रणनीतिक तैयारी मान रहे हैं। हालांकि, सरकार और सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहलगाम हमले ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित किया है। सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है। रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय भी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। इन बैठकों के बाद क्या कोई बड़ा एक्शन होगा या सरकार कोई नई रणनीति अपनाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, देश की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, और सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।