5 मई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:

2026 ज्येष्ठ मास में क्यों हैं 8 मंगलवार:
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ज्येष्ठ मास का  पहला बड़ा मंगल आज, 5 मई  को  है। जो बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस मास के मंगलवारों को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहते हैं। ये मंगलवार  भगवान हनुमान को समर्पित हैं। ऐसा माना जाता है कि आज के दिन पूजा करने से सभी दुख दूर होते हैं , मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं,सुख समृद्धि और खुशहाली आती है।

कब से शुरू हुआ ज्येष्ठ मास:
इस साल ज्येष्ठ का महीना 2 मई से 29 जून तक है।  इस वर्ष 2026 में ‘अधिक मास’ पड़ने के कारण इस बार कुल 8 बड़े मंगल होंगे, जो बहुत ही शुभ माना जा रहा है।
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार:

1..पहला बड़ा मंगल: 5 मई (मंगलवार)
2..दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई (मंगलवार)
3..तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई (मंगलवार)
4..चौथा बड़ा मंगल: 26 मई (मंगलवार)
5..पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून (मंगलवार)
6..छठा बड़ा मंगल: 9 जून (मंगलवार)
7..सातवां बड़ा मंगल: 16 जून (मंगलवार)
8..आठवां बड़ा मंगल: 23 जून

क्यों कहते हैं इसे ‘बड़ा मंगल’ ?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि ज्येष्ठ मास में  मंगलवार को हनुमान जी की मुलाकात भगवान राम से हुई थी। एक अन्य कथा के अनुसार, भीम को अपनी ताकत का घमंड हो गया था,इसी समय हनुमान जी ने भीम का घमंड तोड़ने के लिए एक बूढ़े वानर का रूप लिया था, इसलिए इसे ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है।

यह दिन हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से डर, बीमारियां और पैसों की तंगी दूर होती है। उत्तर भारत में इस दिन लोग जगह-जगह भंडारे लगाते हैं और प्रसाद बांटते हैं।

इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न कैसे करें:

सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर  साफ कपड़े पहनें। यदि हनुमान जी के पसंद के रंग लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनें।
हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं और यदि व्रत रख सके तो अति उत्तम।
प्रसाद में लड्डू, गुड़-चना, केला या नारियल चढ़ाएं।
हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाएं।
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या हनुमान अष्टक का पाठ करें ।या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें। हनुमान जी से अपने कष्टों से निवारण हेतु प्रार्थना करें।
अंत में आरती करके प्रसाद बांटें।

दान-पुण्य का महत्व:
इस दिन दान करने का भी अत्यंत  महत्व माना गया है। राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना,किसी जरूरतमंद को छाता  दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। इसके साथ ही, भूखों को खाना खिलाना और बंदरों को गुड़-चना देने से कुंडली के मंगल दोष दूर होते हैं। और शनि की साढ़ेसाती का बुरा असर भी कम होता है।