2 मई 2026

जबलपुर:
जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में अब रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां 70 साल के बुजुर्ग ने मौत के मुंह से वापस आने का अनुभव साझा किया, वहीं एक मासूम बच्ची की आपबीती ने यह साफ कर दिया कि अगर समय रहते चेतावनी मान ली जाती, तो शायद यह तबाही नहीं होती।
जब गर्दन तक आ गया था पानी: रियाज की आपबीती
70 साल के रियाज इस हादसे के वो खुशनसीब इंसान हैं, जो करीब 5 घंटे तक पानी के बीच फंसे रहने के बाद भी जिंदा बच निकले। रियाज ने बताया कि जब क्रूज डूबने लगा, तो चारों तरफ सन्नाटा छा गया था। उन्हें अपने परिवार के लोग भी नजर नहीं आ रहे थे।
वे क्रूज के ऊपरी हिस्से में फंस गए थे और पानी उनकी गर्दन तक पहुंच चुका था। वे बस किसी तरह सांस लेने की कोशिश कर रहे थे और उम्मीद छोड़ चुके थे। तभी बचाव दल (रेस्क्यू टीम) वहां पहुंची। टीम के सदस्यों ने क्रूज के ऊपरी हिस्से को तोड़कर रियाज को बाहर निकाला। जाते-जाते बचाव दल ने उनसे बस एक ही बात कही थी, “हम आ गए हैं, घबराइए नहीं, आप सुरक्षित हैं।”
“गांव वालों की बात मान लेते, तो नहीं होता हादसा”
हादसे का शिकार हुई एक छोटी बच्ची ने बताया कि जब क्रूज बीच पानी में था, तब तेज हवाएं चलने लगी थीं। किनारे पर खड़े गांव के लोगों को खतरे का अंदाजा हो गया था। वे चिल्ला-चिल्लाकर कैप्टन से क्रूज को किनारे लाने के लिए कह रहे थे, लेकिन क्रूज चलाने वाले ‘अंकल’ ने उनकी बात अनसुनी कर दी।
बच्ची के मुताबिक, कैप्टन क्रूज को और बीच में ले गए, जिसके बाद पानी ऊपर से नीचे की तरफ भरने लगा। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। उस मासूम ने डर के मारे अपने पापा का हाथ कसकर पकड़ लिया था, लेकिन उसकी आंखों के सामने उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्य कहीं गुम हो गए। वह आज भी अपने पिता से अपनी मां के बारे में पूछ रही है, जिसका जवाब देने की स्थिति में उसके पिता नहीं हैं।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इन बयानों से यह साफ हो गया है कि हादसे के पीछे मानवीय चूक और लापरवाही की बड़ी भूमिका रही है:
1. गांव वालों की चेतावनी को कैप्टन ने क्यों नजरअंदाज किया?
2. जब मौसम खराब था, तो क्रूज को गहरे पानी में क्यों ले जाया गया?
3. क्या क्रूज पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम थे?
फिलहाल, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है। यह हादसा उन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया है जिन्होंने अपनों को खो दिया है।