27 मई 2026
बीकानेर:
बीकानेर के सांचू पोस्ट पर अमित शाह ने सीमा सुरक्षा की समीक्षा की, कहा- बीएसएफ, सेना, स्थानीय जनता और प्रशासन मिलकर बॉर्डर को बनाएंगे पूरी तरह सुरक्षित।
भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित और स्मार्ट फेंसिंग से लैस करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान में बीकानेर के पास सांचू पोस्ट का दौरा कर सीमा सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती इलाकों को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक नए चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड (फोर-प्रोन सेक्युरिटी ग्रिड) की रूपरेखा सामने रखी है। गृह मंत्री ने साफ किया कि इस नए ग्रिड के तहत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारतीय सेना, सीमांत गांवों के नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर एक साथ काम करेंगे। यह चारों अंग मिलकर देश की सीमाओं को एक अभेद्य किले में बदल देंगे, जिसे भेदना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं होगा।
अमित शाह ने प्रहरी सम्मेलन को किया संबोधित
बीकानेर के सांचू पोस्ट पर बीएसएफ के अत्याधुनिक हथियारों का निरीक्षण करने के बाद अमित शाह ने वहां आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी और सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सीमाओं पर खड़े होकर पहरा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ी क्षेत्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि बीएसएफ को केवल अपनी परंपरागत ड्यूटी तक ही सीमित नहीं रहना है, बल्कि देश विरोधी ताकतों की हर चाल को नाकाम करना है।
ड्रोन और अवैध निर्माण पर रहेगी पैनी नजर
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बीएसएफ को चौबीसों घंटे पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा। सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध घुसपैठ और हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए दिन-रात कड़ी निगरानी रखनी होगी। इसके अलावा, सीमा से सटे इलाकों में होने वाले किसी भी तरह के अवैध निर्माण पर प्रशासन के साथ मिलकर नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने ग्रामीणों को भी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की बात कही ताकि घुसपैठ और तस्करी के प्रति सीमावर्ती इलाकों में जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने बीएसएफ का कार्यक्षेत्र सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे से बढ़ाकर 50 किलोमीटर इसीलिए किया था ताकि सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया जा सके।
जल्द लगेगी एंटी-ड्रोन प्रणाली
सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए गृह मंत्री ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अगले छह महीनों के भीतर सीमा पर पूरी तरह स्वदेशी और उन्नत ड्रोन रोधी प्रणाली (एंटी-ड्रोन सिस्टम) लगाने का काम शुरू हो जाएगा। इस सिस्टम के लगने से आसमान से होने वाली हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी। अमित शाह ने कहा कि सीमा पर नजर रखना बेहद जरूरी है कि ड्रोन किस जमीन पर उतर रहा है, कौन नशीले पदार्थ या हथियार रिसीव कर रहा है और उसका आगे क्या इस्तेमाल हो रहा है। इन सब पर हमारी नजरें हमेशा पैनी होनी चाहिए।
राजस्थान के बाद अन्य राज्यों का भी होगा दौरा
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सीमाओं को पूरी तरह चाक-चौबंद करने का यह अभियान केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। राजस्थान के इस महत्वपूर्ण दौरे के बाद वे जल्द ही गुजरात, त्रिपुरा और बंगाल की सीमाओं का भी व्यापक दौरा करेंगे। इन सभी संवेदनशील सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा और सुरक्षा ग्रिड को पूरी तरह लागू किया जाएगा ताकि देश की आंतरिक सुरक्षा को बाहरी खतरों से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके।


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