24 अप्रैल 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अब तकनीक और शिक्षा के एक नए केंद्र के रूप में उभरने वाली है। भोपाल के भौंरी क्षेत्र में लगभग 3700 एकड़ जमीन पर ‘नॉलेज एंड एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिटी’ विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। यह प्रोजेक्ट अब अपने अगले प्रशासनिक चरण में पहुंच चुका है और इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भोपाल बनेगा देश का प्रमुख टेक और एजुकेशन हब
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भोपाल को राष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट सिटी और डेटा सेंटर की प्रतिस्पर्धा में आगे लाना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सिटी को ‘शहरी विकास मॉडल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ शिक्षा संस्थानों और आधुनिक तकनीक का एक ऐसा तालमेल होगा जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
यह प्रोजेक्ट केवल एक रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से आत्मनिर्भर डिजिटल सिटी होगी:
1. शिक्षा और तकनीक का संगम: यहाँ एआई-आधारित शिक्षा संस्थान और रिसर्च सेंटर होंगे।
2. आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: सिटी में मजबूत डिजिटल नेटवर्क, साइबर सुरक्षा और फाइबर नेटवर्क पर विशेष जोर दिया जाएगा।
3. पर्यावरण का ध्यान: इसे एक ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा जहाँ हरित ऊर्जा (Green Energy) और जल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे।
4. बड़ा क्षेत्रफल: करीब 3700 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले होने के कारण यह राजधानी के सबसे बड़े विकास प्रोजेक्ट्स में से एक है।

‘कमाल का भोपाल’ अभियान को मिलेगी नई ऊंचाई
‘फाउंडर मनोज मीक’ के अनुसार, यह परियोजना भोपाल को शिक्षा, शोध, स्टार्टअप और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी। यदि यह योजना सफल रहती है, तो भोपाल का नाम देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जो तकनीक के मामले में सबसे आगे हैं।

क्या है वर्तमान स्थिति?
फिलहाल, इस प्रोजेक्ट के लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु आरएफपी (RFP) आमंत्रित किए गए हैं। इसका मतलब है कि अब योजना कागजों से निकलकर जमीनी सर्वे, व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) और क्रियान्वयन की दिशा में बढ़ रही है।
प्रशासन अब अगले चरण में कंसल्टेंट और विशेषज्ञों की नियुक्ति करेगा, जो यह तय करेंगे कि सिटी का ढांचा कैसा होगा और निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर कैसे पूरा किया जाएगा। आने वाले समय में यह ‘एआई सिटी’ न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि भोपाल की आर्थिक तस्वीर को भी पूरी तरह बदल देगी।