24 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विस्तार को लेकर एक बड़ी योजना सामने आई है। शहर के चारों ओर रिंग रोड बनाने के सपने को पूरा करने के लिए ‘पश्चिमी बाईपास’ (वेस्टर्न बाईपास) पर काम तेज हो गया है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) अब इस बाईपास के दोनों तरफ एक व्यवस्थित और नया शहर बसाने की तैयारी कर रहा है।
फंदा से ईंटखेड़ी तक बदलेगी तस्वीर
यह नया प्रोजेक्ट फंदा (इंदौर रोड) से शुरू होकर ईंटखेड़ी (बैरसिया-विदिशा रोड) तक फैला होगा। इस पूरे इलाके को एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत विकसित करने के लिए विशेषज्ञों और टाउन प्लानिंग स्कीम की मदद ली जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के बाहरी हिस्सों में होने वाले बेतरतीब और अवैध निर्माण को रोकना है।
24 महीने में तैयार होगा ‘मास्टर प्लान’
MPRDC के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे इलाके का सर्वे और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंसी फर्म को जिम्मेदारी दी गई है, जो अगले 24 महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर काम होगा:
1. जमीन का सर्वे:फंदा से लेकर ईंटखेड़ी तक की जमीन का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा।
2. सड़कों का जाल: पश्चिमी बाईपास के साथ-साथ सर्विस लेन और कनेक्टिंग सड़कों का खाका तैयार होगा।
3. जोनिंग: यह तय किया जाएगा कि बाईपास के किनारे कहां घर (रेसिडेंशियल ब्लॉक) बनेंगे और कहां फैक्ट्रियां (इंडस्ट्रियल हब) लगाई जाएंगी।
4. ग्रीन बेल्ट: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए शहर के बीचों-बीच और सड़कों के किनारे हरियाली के लिए ‘ग्रीन बेल्ट’ सुरक्षित रखा जाएगा।
अवैध कॉलोनियों की समस्या होगी खत्म
अक्सर देखा गया है कि जैसे ही नया बाईपास बनता है, उसके आसपास अवैध कॉलोनियां कटने लगती हैं। इससे भविष्य में वहां बिजली, पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं देना सरकार के लिए चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने पहले से ही ‘नगर नियोजन’ (Town Planning) का फैसला लिया है।
प्रोजेक्ट की खास बातें
अगले दो महीनों के भीतर बाईपास के निर्माण और प्लानिंग का काम धरातल पर दिखने लगेगा।
नीलबड़ और बैरागढ़ जैसे इलाके इस नई टाउनशिप से सीधे तौर पर जुड़ेंगे, जिससे शहर के इस हिस्से में विकास की रफ्तार तेज होगी।
ग्रीन सिटी पर जोर:अधिकारियों का कहना है कि नए शहर को इस तरह बसाया जाएगा कि वह आधुनिक सुविधाओं से लैस हो और साथ ही प्रकृति के करीब भी रहे।
इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल भोपाल का ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि आने वाले समय में यह इलाका आर्थिक और रिहायशी गतिविधियों का नया केंद्र बनकर उभरेगा।


Leave a Reply