14 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशे का एक डरावना चेहरा सामने आया है। यहाँ के युवा अब महंगे नशे के बजाय आसानी से मिलने वाली दर्द निवारक दवाओं और प्रतिबंधित कफ सिरप (खांसी की दवाई) का इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे में पढ़े-लिखे युवा भी शामिल हो रहे हैं, जो पुलिस के लिए एक नई सिरदर्दी बन गया है।
दवाओं का हो रहा है गलत इस्तेमाल
खबर के अनुसार, युवा नशे के लिए ब्यूप्रेनाफिन (Buprenorphine) जैसे इंजेक्शन और ऑनरेक्स (Onorex) जैसे सिरप का सहारा ले रहे हैं।
ब्यूप्रेनाफिन इंजेक्शन मूल रूप से गंभीर दर्द में राहत देने के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल नसों और शरीर की इंद्रियों को सुन्न कर देता है, जो सेहत के लिए जानलेवा है।
प्रतिबंधित सिरप बेनाड्रिल जैसी दवाओं पर सख्ती के बाद अब ऑनरेक्स सिरप का चलन बढ़ा है। इसकी एक शीशी करीब 100 रुपये में मिल जाती है, जिसका अत्यधिक सेवन नशे का अहसास कराता है।
केस स्टडी: पढ़े-लिखे युवा बने ‘हैंडलर’
पुलिस की हालिया कार्रवाई में दो बड़े मामले सामने आए हैं जो हैरान करने वाले हैं:
पहले मामले में पुलिस ने 29 साल के राहुल मिश्रा को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 385 ब्यूप्रेनाफिन इंजेक्शन बरामद हुए। राहुल बीसीए (BCA) डिग्रीधारी है और एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट का काम करता था। नशे की लत ने उसे इस अवैध कारोबार का बड़ा सप्लायर बना दिया। वह 800 रुपये में एक इंजेक्शन बेचता था।
दूसरे मामले में पुलिस ने अरबाज उद्दीन नाम के युवक को दबोचा, जो एक मेडिकल स्टोर की आड़ में बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली सिरप बेच रहा था। उसके पास से 211 शीशियां बरामद हुईं, जिनकी कीमत 42 हजार रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
पुलिस का ‘ड्रग्स फ्री’ अभियान
राजधानी को नशामुक्त करने के लिए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर ‘ड्रग्स फ्री’ अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने गांजा और एमडी ड्रग्स के साथ-साथ इन प्रतिबंधित दवाओं के गिरोहों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ का कहना है कि जो भी दुकानदार बिना बिल या फर्जी तरीके से ऐसी दवाएं बेच रहे हैं, पुलिस उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। एसोसिएशन ऐसे गलत काम करने वालों का कभी समर्थन नहीं करेगा।
विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, इन दवाओं का बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल शरीर के अंगों को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। युवाओं में बढ़ता यह रुझान न केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। प्रशासन अब इन दवाओं की बिक्री पर नजर रखने के लिए और कड़े नियम बनाने की तैयारी में है।


Leave a Reply