Share

22 मई 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल और डीजल की खरीद-बिक्री को लेकर प्रशासन ने एक नया और बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई ग्राहक पेट्रोल पंप पर जाकर एक तय सीमा से ज्यादा का ईंधन खरीदता है, तो उसे इसका ठोस कारण बताना होगा। नए नियमों के मुताबिक, यदि आप 5,000 रुपये से अधिक का पेट्रोल या 10,000 रुपये से अधिक का डीजल खरीदना चाहते हैं, तो पंप संचालकों को आपको इसकी वजह बतानी होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से भोपाल जिले के कई पेट्रोल पंपों पर तेल की किल्लत देखी जा रही थी। आम लोगों की जरूरत के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने लगी थीं। इस समस्या को सुलझाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन और खाद्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

तेल कंपनियों और पंप संचालकों के बीच का विवाद
बैठक के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों के एसोसिएशन ने अपनी परेशानी सामने रखी। उनका कहना था कि उन्हें तेल कंपनियों से समय पर और पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि अगर वे ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा तेल मंगाते हैं, तो कंपनियां उन्हें नोटिस थमा देती हैं।
दूसरी तरफ, तेल कंपनियों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। कंपनियों का कहना है कि भोपाल जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और एचपी जैसी सभी कंपनियों के कुल 192 पेट्रोल पंप हैं और सभी को नियम के अनुसार लगातार सप्लाई भेजी जा रही है। कंपनियों के मुताबिक, इस समय तेल की कोई कमी नहीं है, बल्कि पहले के मुकाबले मांग में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म होने की वजह यह भी थी कि उन्होंने अपने विस्फोटक लाइसेंस का समय पर रिन्यूअल नहीं करवाया था, जिसकी वजह से उनकी सप्लाई रोक दी गई थी।

औद्योगिक काम के लिए अलग नियम और रेट
इस बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया। जो लोग व्यावसायिक या औद्योगिक काम (जैसे कंस्ट्रक्शन साइट या फैक्ट्रियों) के लिए भारी मात्रा में डीजल खरीदना चाहते हैं, उन्हें अब सामान्य रेट पर तेल नहीं मिलेगा। कंपनियों ने साफ किया है कि औद्योगिक कार्यों के लिए बल्क (थोक) में डीजल लेने पर 150 रुपये प्रति लीटर का रेट चुकाना होगा। राहत की बात यह है कि इस डीजल को सीधे उनकी औद्योगिक इकाई या निर्माण स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

पेट्रोल पंप एसोसिएशन की मांग
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि अगर कंपनियां दावा कर रही हैं कि तेल की कोई कमी नहीं है, तो फिर पेट्रोल पंपों को उनकी मांग के अनुसार पूरा डीजल क्यों नहीं दिया जा रहा? हर रोज किसी न किसी पंप का स्टॉक खत्म हो रहा है, जिससे बाजार में किल्लत महसूस हो रही है। उन्होंने मांग की है कि ग्राहकों के लिए तय की गई इस सीमा को थोड़ा और बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि रोज-रोज विवाद की स्थिति पैदा न हो।


Share