26 मई 2026
भोपाल:
भोपाल में जनप्रतिनिधियों और हाईप्रोफाइल लोगों की सोसाइटी माने जाने वाले रचना टावर में सोमवार की दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ बहुमंजिला टावर की पार्किंग में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया। आग इतनी भयानक थी कि इसका काला धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रहा था।
शुरुआती जांच और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह आग पार्किंग में खड़ी एक ईवी मोपेड (इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर) की बैटरी फटने की वजह से लगी थी। बैटरी में जोरदार धमाका होने के बाद मोपेड में आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने पास में ही खड़ी एक इंडिका कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन जलकर पूरी तरह राख हो गए और सिर्फ उनका लोहे का ढांचा ही बचा।
बीएसएनएल अधिकारी की थी कार और मोपेड
यह इंडिका कार और ईवी मोपेड भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सीनियर पीएसएमई श्रेयांश कुमार जैन की थी, जो इसी रचना टावर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि इंडिका कार में धमाका होने और चिंगारियां निकलने के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय नागरिकों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और भयंकर गर्मी के कारण वे पास नहीं जा सके। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
कई मंजिलों तक पहुंचा धुआं, सांस लेना हुआ दूभर
चूंकि यह एक बहुमंजिला इमारत है, इसलिए पार्किंग में लगी आग का दमघोंटू धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। फ्लैट्स में रहने वाले कई लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आग की लपटें और धुआं देखकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले रहवासियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
हादसे के बाद फूटा रहवासियों का गुस्सा
इस हादसे के बाद रचना टावर के निवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि अगर बिल्डिंग का फायर फाइटिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा होता और उसे समय पर इस्तेमाल किया जाता, तो इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। निवासियों ने बताया कि इस टावर की लिफ्ट और वहां लगे अग्निशमन यंत्रों की जिम्मेदारी अभी भी राज्य सहकारी आवास संघ के पास ही है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय की निगरानी में राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा बनाई गई इस कॉलोनी को बने लगभग पांच साल बीत चुके हैं। नियमों के मुताबिक आवास संघ को अब तक सोसाइटी का चुनाव कराकर जिम्मेदारी रचना टावर कमेटी को सौंप देनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण ऐसा नहीं हो सका। वर्तमान में सोसाइटी के अध्यक्ष राजेंद्र मेश्राम और सचिव एमएस यादव हैं।
वीआईपी और हाईप्रोफाइल इलाका है रचना टावर
रचना नगर में स्थित इस टावर में कई मौजूदा व पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व मंत्रियों के परिवार और उनके करीबी रिश्तेदार रहते हैं। यहाँ किराए पर रहने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है और अधिकांश फ्लैट्स वीआईपी परिवारों के ही हैं। इतने वीआईपी और संवेदनशील क्षेत्र में फायर सेफ्टी को लेकर हुई इस लापरवाही ने अब बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


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