मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी 23 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, कृषि के क्षेत्र में MP बना नंबर वन
संवाददाता
9 April 2026
अपडेटेड: 3:19 PM 0thGMT+0530
9 अप्रैल 2026
जबलपुर:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को जबलपुर प्रवास पर रहे। यहाँ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘कृषि मंथन’ कार्यक्रम में शिरकत की और प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आज हमारा मध्य प्रदेश कृषि, परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल से देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
23 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें सबसे प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय का नया प्रशासनिक भवन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय को इस प्रशासनिक भवन के लिए लगभग सात दशकों (70 साल) का लंबा इंतजार करना पड़ा, जो अब जाकर पूरा हुआ है। इसके अलावा जबलपुर, बालाघाट और रीवा की विभिन्न निर्माण इकाइयों का भी लोकार्पण किया गया।
नई तकनीक और डिजिटल पहल
खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने दो नई तकनीकी सुविधाओं की शुरुआत की:
जवाहर चारा डिजिटल स्कैनर: यह चारे की गुणवत्ता और जांच में मदद करेगा।
कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग ऐप: इसके जरिए कृषि शोध और प्रोजेक्ट्स की निगरानी आसान हो जाएगी।
डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत, वैज्ञानिकों के नए शोध और सरकार की योजनाओं के सही क्रियान्वयन का ही नतीजा है कि आज मध्य प्रदेश दलहन, तिलहन और खाद्यान्न उत्पादन में देश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
जगतगुरु रामभद्राचार्य से लिया आशीर्वाद
जबलपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जगतगुरु रामभद्राचार्य जी से भी मुलाकात की। जगतगुरु इन दिनों जबलपुर में ही कथा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे भेंट कर आशीर्वाद लिया और स्थानीय मानस भवन में पहुंचकर ‘गांव चलो-बस्ती चलो’ अभियान का भी आगाज किया।
मुख्यमंत्री का मानना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और सरकारी समर्थन के दम पर मध्य प्रदेश के किसान आने वाले समय में खेती को और अधिक मुनाफे का सौदा बनाएंगे।