26 अप्रैल 2026

लखनऊ:

गाँवों और शहरों की दूरियाँ होंगी कम
उत्तर प्रदेश में बन रहा गंगा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि राज्य के 12 जिलों के विकास की नई लाइफलाइन है। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। इसके बनने से अब तक पिछड़े माने जाने वाले गाँवों की कनेक्टिविटी शहरों से बेहतर होगी, जिससे किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को बड़े बाज़ार तक पहुँचने में आसानी होगी।

किसानों को मिलेगा सीधा फ़ायदा
एक्सप्रेस-वे के किनारे लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ शाहजहांपुर, हरदोई और उन्नाव जैसे कृषि प्रधान जिलों के किसानों को मिलेगा। अब किसान अपनी फसल, फल, सब्जियाँ और डेयरी उत्पाद बहुत कम समय में लखनऊ, नोएडा और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की मंडियों तक पहुँचा सकेंगे। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि उनके उत्पादों की बर्बादी भी कम होगी।

रियल एस्टेट और व्यापार में आएगी तेज़ी
एक्सप्रेस-वे के आसपास के इलाकों में जमीन की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। रायबरेली के हरचंदपुर, प्रतापगढ़ के कुंडा और शाहजहांपुर के तिलहर जैसे क्षेत्रों में रियल एस्टेट सेक्टर में भारी उछाल आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर छोटे होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप और वेयरहाउसिंग जैसे नए बिजनेस शुरू होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
यह प्रोजेक्ट सिर्फ यात्रा सुगम नहीं बनाएगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते भी खोलेगा। निर्माण कार्य के दौरान जहाँ बड़ी संख्या में लोगों को काम मिला है, वहीं एक्सप्रेस-वे चालू होने के बाद लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में नौकरियों की भरमार होगी। इससे ग्रामीण युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुकेगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे।

तीन मुख्य खंडों में निर्माण का विवरण
इस विशाल परियोजना के निर्माण कार्य को तीन प्रमुख हिस्सों में बाँटा गया है, जिसमें अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
1. बदायूँ से हरदोई: 151.7 किलोमीटर
2. हरदोई से उन्नाव: 155.7 किलोमीटर
3. उन्नाव से प्रयागराज: 157 किलोमीटर
   यह एक्सप्रेस-वे फिलहाल छह लेन का है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है।

गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नई पहचान देने वाला है। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यह एक्सप्रेस-वे पूरे प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया केंद्र बनेगा।